कन्नौज के छिबरामऊ में चल रहे मंगला मुखी महासम्मेलन में बुधवार को चाक पूजन किया गया। विजयनाथ मंदिर में घंटा चढ़ाया गया। सुख व समृद्धि की कामना के साथ बैंडबाजों की धुन पर नृत्य करते हुए कलश यात्रा निकाली गई।
पूरे साल घर-घर जाकर दूसरों के लिए दुआएं मांगने वाले किन्नर इन दिनों अपनी खुशियों में व्यस्त हैं। महासम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से कि न्नर पहुंचे हैं। किन्नरों ने गुरु आगरा की सीता को माला पहनाई।
नगर के श्रीसंत गेस्ट हाउस से बैंडबाजों की धुन व ढोलक की थाप पर नृत्य करते हुए कलश यात्रा निकाली। सिर पर पूजा सामग्री की डलिया रखे सुधा गुरु मुख्य मार्ग होते हुए पीपल चौराहा स्थित विजयनाथ मंदिर पहुंचीं।
मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। चौराहे पर दरी बिछाकर चाक का पूजन किया। चाक लेकर आए श्रवण कुमार व उनकी पत्नी शशी को भेंट दी गई। सोनी किन्नर सिर पर घंटा रखकर मंदिर पहुंचीं।
कानपुर की पूर्व पार्षद काजल किरन ने घंटे की पूजा-अर्चना कर आचार्य पं. रामकिशोर मिश्रा को सौंप दिया। इसके बाद लकी व स्वीटी किन्नर सिर पर कलश रख मंदिर से गेस्ट हाउस पहुंचीं। कलश यात्रा में पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक पैमाने पर इंतजाम किए गए थे।
खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं किन्नर
किन्नर समाज की प्रमुख आगरा र्से आइं गुरु सीता ने बताया कि किन्नर इन आयोजनों के जरिए यजमानों की खुशहाली, सुख और समृद्धि की कामना करते हैं। उन्होंने बताया कि चाक पूजन बुजुर्गों की परंपरा है। चाक पूजन से वह सभी के मंगल की कामना करते हैं।