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Kanpur News: जांचे जा रहे ट्रांसफार्मर, तारों के मकड़जाल पर आंखें मूंदे जिम्मेदार

Tue, 17 Mar 2026 01:44 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने और फॉल्ट रोकने के लिए बिजली निगम अनुरक्षण माह चला रहा है। अभियंता ट्रांसफार्मरों की जांच तो कर रहे हैं लेकिन तारों के मकड़जाल की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जर्जर तारों की वजह से गर्मी में फाॅल्ट से बिजली गुल होने पर लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ेगा।
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जिले में 47 उपकेंद्रों से करीब 2.75 लाख कनेक्शनों को बिजली आपूर्ति की व्यवस्था है। आम दिनों में बिजली की मांग 50 से 55 मिलियन यूनिट प्रति माह रहती है। गर्मी में बिजली की मांग बढ़कर 95 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाती है। इधर जर्जर तारों व पोल पर केबलों के मकड़जाल भी फॉल्ट की वजह बनते हैं। जिला मुख्यालय के अकबरपुर नगर में रामगंज, होम्योपैथिक अस्पताल व नयागंज में जर्जर तारों का मकड़जाल फैला है। आए दिन फॉल्ट से तार टूटकर गिरते हैं।
यहां एबीसी केबल डलवाने के बजाय जर्जर तारों को ही जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। अन्य निकायों में भी कमोबेश यहीं स्थिति है। मौजूदा समय में बिजली निगम अनुरक्षण माह चला रहा है। इसमें वितरण ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग, पॉवर ऑयल, जंफर आदि की जांच कर मरम्मत कराई जा रही है। ट्रांसफार्मरों से लोड बैलेंसिंग पर भी जोर है। नगर के सुधीर कुमार, रामजी, दिलीप कुमार आदि ने बताया कि तारों के मकड़जाल और जर्जर तारों को दुरुस्त करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है।
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..........................6.92 करोड़ खर्च, घनी बस्ती में नहीं डाली एबीसी केबल

बिजली सुधार योजना आईपीडीएस में चयनित अकबरपुर नगर में करीब छह हजार कनेक्शन हैं। आठ साल पहले करीब 6.92 करोड़ रुपये खर्च कर एबीसी केबल डालने का काम कराया गया है। जिम्मेदारों की अनदेखी से ठेकेदार ने मनमानी तरीके से काम कराया। सघन बस्ती में एबीसी केबल नहीं डाली गई। यहां अब भी जर्जर एल्युमिनियम के तारों पर बांस की खपचियां बांधकर बिजली आपूर्ति की जा रही है।

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केस एक :

फोटो- 2 अकबरपुर में होम्योपैथी अस्पताल के पास पोल पर तारों का मकड़जाल। संवाद
सड़क पर लटक रहा तारों का मकड़जाल
अकबरपुर में होम्योपैथी अस्पताल के पास पोल पर तारों का मकड़जाल है। हालात ये हैं कि केबलें सड़क पर लटक रही हैं। कई बार यहां से निकलने में वाहन सवारों के उलझ कर गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं आए दिन फाॅल्ट होने के बाद भी यहां एल्युमिनियम तारों को हटाकर एबीसी केबल डालने की सुध नहीं ली जा रही है।

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केस दो :
फोटो-3 रामगंज में जर्जर तारों के बीच बांस बांधकर की जा रही बिजली आपूर्ति। संवाद

बांस की खपचिया बांधकर दौड़ा रहे करंट
अकरबपुर के रामगंज में जर्जर एल्युमिनियम तारों के बीच बांस बांधकर बिजली आपूर्ति की जा रही है। तेज हवा चलने पर तार टूटकर गिरते हैं। कई बार राहगीर चपेट में आते बच चुके हैं लेकिन इसकी जगह एबीसी केबल लगाने की जरूरत नहीं समझी जा रही है।

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वर्जन.............

आईपीडीएस टाउन अकबरपुर में जर्जर लाइनों को बदलने का काम अब बिजनेस प्लान में कराया जाना है। बिजनेस प्लान वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। इसी में इन जर्जर लाइनों को एबीसी केबल में बदलने का प्रस्ताव कराकर प्राथमिकता से यह काम कराया जाएगा। - सुमित व्यास, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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रखरखाव की फिक्र के बाद भी 457 ट्रांसफार्मर फुंके
कानपुर देहात। गर्मी में बिजली की मांग अधिक होने पर ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ जाता है। मार्च में बीते साल भी ट्रांसफार्मरों के अनुरक्षण का ध्यान दिया गया। अभियान भी चलाया गया और ट्रांसफार्मरों की जांच कर खामियां दूर की गईं। इसके बाद भी अप्रैल में 88 ट्रांसफार्मर फुंक गए। मई में 131 ट्रांसफार्मर फुंके और जून में सबसे अधिक 238 ट्रांसफार्मर फुंके। इसमें सबसे अधिक 25 केवी के ट्रांसफार्मर फुंके। सहायक अभियंता वर्कशॉप कुसुम चंद्रा ने बताया कि कई वजहों से ट्रांसफार्मर फुंकते हैं। सूचना मिलने पर नये ट्रांसफार्मर लगवा कर खराब ट्रांसफार्मर दुरुस्त कराए जाते हैं। (संवाद)
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