ब्लाक प्रमुख चुनाव में बीडीसी सदस्यों की खरीद फरोख्त का खेल अभी बंद नहीं हुआ है। शुक्रवार को एक और मामला सामने आया। इस बार मेहरबान सिंह पुरवा में सपा के प्रभावशाली नेता चौधरी सुखराम के गेस्ट हाउस में बीडीसी सदस्यों की दावत हुई।
इसमें सपा के अलावा भाजपा के समर्थन से जीत हासिल करने वाले बीडीसी सदस्य भी शामिल थे। मामले का खुलासा होने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन सत्ता पक्ष का मामला होने की वजह से पुलिस वाले भी खाना पीना करके चुपचाप वापस हो गए। बताया जा रहा है कि ये सभी बीडीसी बिधून ब्लाक के हैं।
पिछले दिनों बर्रा तीन स्थित दरोगा गेस्ट हाउस में भी कुछ बीडीसी सदस्यों को रात के समय पुलिस ने मौके से उठाया था। उस समय बताया गया था कि यह किसी बसपा नेता के कहने से लाए गए हैं, लेकिन बीडीसी सदस्यों ने किसी का नाम लेने से मना कर दिया था। यह भी कहा था कि वे लोग एक दावत में शामिल होने आए थे।
इसी तरह की बीडीसी सदस्यों की दावत एक बार फिर हुई। इस बार सपा के एक बीडीसी नेता ने दांव चला है। यहां जितने भी बीडीसी सदस्य दावत के लिए लाए गए थे, उन सभी को किसी से भी बात करने से मना किया गया था।
कुल करीब 13 बीडीसी सदस्य थे। जिस मातोश्री गेस्ट हाउस में दावत हुई, वहां चौधरी सुखराम के बेटे चौधरी अभिराम भी मौजूद थे। जब उनसे बीडीसी सदस्यों की खरीद फरोख्त कर उनके गेस्ट हाउस में लाए जाने की बात की गई तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया।
जितनी तेजी से पुलिस ने पिछली बार एक्शन लिया था, इस बार वह उतनी ही तेजी से मामले को दबाने में तुल गई। इससे साफ है कि सपाइयों का दबाव पुलिस और प्रशासन पर किस तरह से है।
सपा के एक दावेदार ने पार्टी प्रत्याशी पर लगाया आरोप
बीडीसी सदस्यों के खेल का बिधनू ब्लाक से प्रमुख की एक दावेदार रीता यादव के पति रोहित यादव ने खुलासा किया है। सपा के ही रोहित का आरोप है कि मेहरबान सिंह का पुरवा (मर्दनपुर) में जिस गेस्ट हाउस में बीडीसी सदस्यों को इकट्ठा किया गया था, उसके पीछे उसी ब्लाक से सपा के प््रत्याशी शशि देवी के पति रघुनाथ यादव हैं।
इस मामले में रघुनाथ का कहना है कि वह गेस्ट हाउस गए थे दावत खाने, लेकिन बीडीसी सदस्यों को साथ लेकर जाने की बात गलत है। रोहित यादव का कहना है कि जब उसे यह पता चला कि रघुनाथ 13 बीडीसी को लेकर एक गेस्ट हाउस की तरफ निकले हैं, तो उसने तत्काल आईजी की तरफ से जारी हेल्प लाइन ‘एक नंबर भरोसे का’ पर फोन किया।
मैं उसके बाद किसी सब इंसपेक्टर से फोन पर बात हुई। रोहित का कहना है कि पुलिस वाले ने पूरी बात सुनने के बाद कहा कि देखते हैं, साथ में उसने इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत करने का भी सुझाव दिया। रोहित ने बताया कि उसने इस मामले में डीएम को फोन मिलाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
‘सदस्यों को सुरक्षा मुहैया कराएं’
कानपुर(ब्यूरो)। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग की और क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया। आयोग ने कहा कि जो भी सदस्य सुरक्षा मांगे, उसको गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जाए। यदि जोर जबरदस्ती की रिपोर्ट मिली तो आयोग कड़ी कार्रवाई करेगा।
ब्लाक प्रमुख पद के लिए नामांकन और स्क्रूटनी की प्रक्रिया 5 फरवरी को पूरी की जाएगी। 6 फरवरी को नाम वापसी होगी। 7 फरवरी को वोटिंग और मतगणना कराई जाएगी। इससे पहले ही बीडीसी के साथ जोर जबरदस्ती का मामला सामने आने लगा। इसी सिलसिले में राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की मौजूदगी में आयोग ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से कराया जाना है।
इसकी व्यवस्था जिला प्रशासन सुनिश्चित कराए। साथ ही बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव पर खर्च धनराशि का आकलन किया जाए। जिन अधिकारी और कर्मचारियों ने काम किया है, उन सबका भुगतान कराया जाए।