कानपुर। गंगा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन शुक्रवार को
गंगा नदी संरक्षण निर्मलीकरण के लिए गठित समिति के सामने किया गया। इसमें
गंगा में गिर रहे नालों के पानी को शोधित करने और कटरी में सघन पौधरोपण पर
जोर दिया गया। इस कार्य में आईआईटी का सहयोग लिया जाएगा।
कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के कैंप कार्यालय में शाम को हुई इस
बैठक में गंगा रिवर फ्रंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तैयार करने वाली दिल्ली की
कंसल्टेंट कंपनी आरको होम्स ने प्रोजेक्ट के माध्यम से बैराज से जाजमऊ तक
10.50 किलोमीटर क्षेत्र में घाटों के सुंदरीकरण, सफाई और वृक्षारोपण का
खाका प्रस्तुत किया।
कमिश्नर ने इस प्रोजेक्ट में केडीए, नगर निगम, जिला
प्रशासन का सहयोग लेने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि गंगा में जहां पर
गंदगी मिलती है, वहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएं, ताकि पानी साफ हो सके।
प्रोजेक्ट तैयार करने में यदि किसी एजेंसी की जरूरत हो तो उसकी भी सेवाएं
ली जाएं।
बैठक में डीएम कौशलराज शर्मा, केडीए वीसी जयश्री भोज ने इस
महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर सघन विचार-विमर्श के लिए आईआईटी को भी शामिल करने
का सुझाव दिया, इस पर कमिश्नर ने सहमति दी। बैठक में शामिल उच्च स्तरीय
विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि आईआईटी और संबंधित
विभागों के साथ बैठक की संभावित तिथि पांच फरवरी है।
सभी से बात करने के
बाद तारीख तय की जाएगी। बैठक में केडीए के मुख्य नगर नियोजक स्वराज
गांगुली, आशीष शिवपुरी, मुख्य अभियंता वीके गोयल आदि शामिल रहे।