कानपुर। कानपुर कपड़ा कमेटी के नौ निदेशकों की ओर से कमेटी अध्यक्ष पर धन उगाही का आरोप लगने के एक दिन बाद ही कमेटी अध्यक्ष को चंदा देने वाले उनके समर्थन में उतर आए। कपड़ा कमेटी कार्यालय में बड़ी संख्या में भेजे गए पत्र में धन उगाही के आरोपों को गलत बताया गया है। कहा गया कि कुछ लोग अच्छे कार्य को गलत बता रहे हैं। कमेटी अध्यक्ष के साथ बैठक के दौरान ही शव वाहन, ठंडे पानी की मशीन और बाहर से आने वाले व्यापारियों के लिए ठहरने की बेहतर व्यवस्था के लिए सहमति जताई गई थी और उन लोगों ने स्वेच्छा से चंदा दिया है। इसकी जानकारी भी कमेटी को है।
पूनम साड़ी सेंटर, श्री आनंदेश्वर टेक्सटाइल एजेंसी, साध्वी साड़ीज, विनोद साड़ी सेंटर, अनिल कुमार एंड कंपनी, एसआर क्रिएशन, अग्रहरि ट्रेडिंग कंपनी, राजीव कुमार, प्रमोद कुमार, आय-आय सिंथेटिक, राधा टेक्सटाइल, बहेती टेक्सटाइल एजेंसी, कुशल एक्सपोर्ट आदि के फर्म और कंपनी संचालकों ने कमेटी को पत्र भेजे हैं। इनमें कहा है कि जो भी आरोप अध्यक्ष पर लगाए गए हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं। बाजार हित में सभी ने स्वेच्छा से धन दिया है और आगे भी देंगे। कमेटी अध्यक्ष को बदनाम किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की गई है।
कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र गुलाटी ने बताया कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वे कमेटी, व्यापार, बाजार और व्यापारी हित नहीं चाहते हैं। चंदा देने वालों के पत्र बता रहे हैं कि बाजार हित में कार्य किया जा रहा है। बता दें कि बुधवार को कमेटी के कोषाध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन कुमार नवेटिया समेत निदेशक रुमित सिंह सागरी, अमित दोसर, श्यामजी गुप्ता, अभिषेक चावला, राम प्रकाश गुप्ता, राकेश कपूर और सुनील अग्रवाल ने कमेटी कार्यालय पत्र भेजा था। पत्र में अध्यक्ष पर नियमों को तार-तार करने और धन उगाही के आरोप लगाए थे।