गोविंंदनगर थानाक्षेत्र में पिता के बाइक देने से मना करने और मां के डांटने पर स्पेयर पार्ट्स व्यापारी ने घर से 500 मीटर की दूरी पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। बुधवार सुबह वह बिना बताए घर से चला गया था। परिजनों के फोन करने पर उसने कॉल भी रिसीव नहीं की। गुरुवार सुबह पुलिस ने कानपुर-झांसी रेलवे लाइन किनारे उसका शव पड़ा होने की परिजन को सूचना दी तो परिजनों में चीख पुकार मच गई।
दबौली वेस्ट निवासी राधाकृष्ण राजपूत का इकलौता बेटा कुलदीप राजपूत (27) पिता के साथ स्पेयर पार्ट्स का व्यापार करता था। गोविंदनगर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने बताया कि कुलदीप को बुधवार की सुबह कचहरी में कुछ काम था। उसने पिता से बाइक मांगी थी जिस पर उन्होंने बाइक तेज चलाने की बात कहकर चाबी देने से मना कर दिया था। इसी बात को लेकर मां मिथलेश ने भी बेटे को डांट दिया। इससे नाराज होकर कुलदीप घर से चला गया। शाम तक घर न लाैटने पर परिजनों ने कुलदीप के मोबाइल पर कई बार काॅल की लेकिन उसने काॅल रिसीव नहीं की। दोस्तों और रिश्तेदारों से जानकारी करने पर उसका कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने रातभर बस अड्डा, रेलवे स्टेशन आदि जगह भी तलाश की।