कानपुर देहात। जिले में अलग-अलग बैरियर प्वाइंटों पर 152 मजदूरों को पुलिस ने रोका। महाराष्ट्र से वाहनों से लौट रहे 72 मजदूरों को सिकंदरा बैरियर में रोका गया। इनमें से दो मजदूरों को सांस लेने में तकलीफ होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। जबकि, 70 क्वारंटीन किए गए। यह सभी प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। बारा टोल प्लाजा पर एक ही ट्रक में सवार 80 लोगों को उतार कर जांच की गई। बाद इन्हें अलग-अलग वाहनों से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। सभी इंदौर (मध्य प्रदेश) से प्रयागराज जा रहे थे।
इंदौर की एक फैक्टरी में काम करने वाले 80 दिहाड़ी मजदूर एक ट्रक पर सवार होकर प्रयागराज अपने घर जा रहे थे। रविवार को बारा टोल प्लाजा पर पुलिस ने ट्रक को रोक कर मजदूरों से पूछताछ की। मजदूरों ने बताया कि वह लॉकडाउन के बाद इंदौर में फंस गए थे। मौका मिलते ही शनिवार को वहां से चले दिए थे।
टोल अधिकारियों व कर्मचारियों ने सभी को बिस्कुट व फल देकर नाश्ता कराया। इसके बाद सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए मजदूरों को अलग-अलग वाहनों से सभी को उनके घर भेज दिया। मजदूरों ने इंदौर में मेडिकल परीक्षण कराया था।
वहीं, सिकंदरा की अलग-अलग बैरियरों पर पुलिस ने 72 मजदूरों को रोका। एसडीएम ने सभी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद 70 को कस्बा के छत्रपति शिवाजी महराज डिग्री कालेज क्वारंटीन कराया। दो मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल भेज दिया।
टोल की पेट्रोलिंग टीम कर रही मदद
कानपुर देहात। बारा टोल प्लाजा के अधिकारी व कर्मचारी सुबह से लेकर शाम तक पेट्रोलिंग कर जरूरतमंदों को मदद पहुंचा रहे हैं। एजीएम मनोज शर्मा ने बताया कि रविवार को मुंगीसापुर में काफी संख्या में हाइवे किनारे मजदूर बैठे थे। उन्हें खाना खिलाने के साथ अन्य मदद की गई। वहीं ,टोल से निकलने वाले जरूरतमंदों को भी राहत सामग्री दी जा रही है।
टोल प्लाजा पर खोली चार और लेन
लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद 16 अप्रैल को टोल पर टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई थी। शुरुआत में आने-जाने की चार लेन खोली गई थी। अब वाहनों की संख्या बढ़ जाने से चार लेन और खोल दी गई हैं। फिलहाल एंबुलेंस लेन को जोड़कर नौ लेन चलने लगी हैं। वाहन चालकों को किसी भी लेन से निकल की छूट दी गई है। मनोज शर्मा, एजीएम, बारा टोल प्लाजा