तंबाकू के सेवन से होने वाले मुंह के और दूसरे कैंसर पर शोध के लिए शहर रिसर्च सेंटर बनेगा। माना जा रहा है कि आईआईटी में प्रस्तावित सुपर स्पेशिएलटी हॉस्पिटल में मुख्य रूप से कैंसर पर शोध होगा। इसमें टाटा हॉस्पिटल सहयोग करेगा।
टाटा हॉस्पिटल और आईआईटी दोनों ने जीएसवीएम मेडिकल कालेज के जेके कैंसर इंस्टीट्यूट से कैंसर रोगियों के आंकड़े समेत अन्य जानकारियां ली हैं। यह भी चर्चा है कि कैंसर इंस्टीट्यूट या फिर किसी दूसरे चिकित्सा संस्थान के संचालन की जिम्मेदारी भी टाटा हॉस्पिटल ले सकता है।
इस पर निर्णय शासन स्तर पर होगा। डाक्टरों का कहना है कि अभी मुख कैंसर के बहुत से रोगी शहर से इलाज कराने के लिए टाटा हॉस्पिटल जाते हैं। लेकिन अब टाटा अस्पताल और आईआईटी कैंसर इंस्टीट्यूट के रोगियों पर यहीं शोध करेंगे।
इंस्टीट्यूट के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन प्रसाद ने बताया कि आईआईटी की टीम को रोगियों के सारे आंकड़े उपलब्ध करा दिए हैं। मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि बीमारियों पर इंजीनियर विज्ञानी चिकित्सा विज्ञानियों के साथ मिलकर शोध करेंगे।
इसका नतीजा अच्छा आएगा। वहीं चिकित्सा सूत्रों का कहना है कि टाटा अस्पताल अपने सेंटर के लिए स्थान तलाश रहा है। अस्पताल कैंसर इंस्टीट्यूट के संचालन की जिम्मेदारी भी ले सकता है।