कानपुर देहात। अकबरपुर मेडिकल कॉलेज अब ऊतक (टिश्यू) की जांच करने की तैयारी कर रहा है। पैथोलॉजी के निरीक्षण के दौरान विभागाध्यक्ष की मांग पर प्राचार्य ने बजट मिलने पर सुविधा शुरू करवाने का फैसला लिया है। अभी ये जांच जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर में करवाई जा रही है। अकबरपुर में हिस्टोपैथोलॉजी लैब तैयार होने के बाद लोगों को कानपुर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
पैथोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. सोनल अमित ने बताया कि हिस्टोपैथोलॉजी चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है। जिसमें शरीर के किसी अंग या ऊतक के छोटे नमूने की सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से जांच की जाती है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि ऊतक सामान्य है या उसमें कोई बीमारी, सूजन, संक्रमण या कैंसर जैसी समस्या मौजूद है। यह जांच मुख्य रूप से बायोप्सी या ऑपरेशन के दौरान निकाले गए ऊतक पर की जाती है
पिछले एक साल से सर्जरी के बाद डॉक्टरों की ओर से दिए जाने वाले नमूनों के सेक्शन तैयार कर जांच के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर भेजे जाते थे। सुविधा को जल्द शुरू करवाने के लिए पैथोलॉजी के स्टाफ को जीएसवीएम कॉलेज में प्रशिक्षण भी दिलवाया जा चुका है। शनिवार को प्राचार्य डॉ. अंबरीश गुप्ता ने पैथोलॉजी का निरीक्षण कर सुविधाओं के बारे में जानकारी ली है। उनकी ओर से हिस्टोपैथोलॉजी जांच की सुविधा मेडिकल कॉलेज में ही शुरू करवाए जाने का फैसला लिया है।
बजट मिलते ही हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए जरूरी माइक्रोटॉम, टिशू प्रोसेशर सहित अन्य उपकरणों की खरीद की जाएगी। हिस्टोपैथोलॉजी लैब बनने से कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बेहतर शिक्षा देने में सहायक होगी। साथ ही मरीजों को भी जल्द जांच रिपोर्ट व विशेषज्ञों की ओर से प्रभावी उपचार शुरू किया जा सकेगा।