कानपुर। दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में वनस्पति विज्ञान विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को रीसेंट ट्रेंड्स इन प्रोपेगेशन ऑफ हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई।
मुख्य वक्ता सीएसए के डीन हॉर्टिकल्चर प्रो. वीके त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में अधिक उपज, समान वृद्धि और रोग-मुक्त पौधों के उत्पादन के लिए टिश्यू कल्चर तकनीक अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि केला, स्ट्रॉबेरी, सेब, नींबू, अंगूर, ड्रैगन फ्रूट, शहतूत आदि के पौधों को सूक्ष्म प्रवर्धन तकनीक, कटिंग, गूटी, कालिकायन तथा शिखा रोपण विधियों से आसानी से बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य अतिथि जिला बागवानी अधिकारी उमेश चंद्रा ने बागवानी से जुड़े रोजगारपरक अवसर बताए। प्राचार्य प्रो. वंदना निगम ने अतिथियों का स्वागत किया। निदेशिका प्रो. अर्चना वर्मा, संयोजिका प्रो. अर्चना श्रीवास्तव ने विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विट्टम प्रभा ने किया। मौके पर प्रो. सुगंधा तिवारी, प्रो. अलका श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति सिंह जादौन, डॉ. निधि गुप्ता एवं डॉ. पारूल त्रिवेदी मौजूद रहीं।