संत विवेकानंद के बाल वैज्ञानिकों ने बिजली बचाने के लिए टाइमर एपलाइंसेस यंत्र बनाया है। इसके इस्तेमाल से फिजूल में खर्च होने वाली बिजली की बचत होगी।
बाल वैज्ञानिकों ने बनाया टाइमर एपलाइंसेस यंत्र
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इटावाः बाल वैज्ञानिकों ने बिजली बचाने के लिए टाइमर एपलाइंसेस यंत्र बनाया है। बाल वैज्ञानिकों के समूह प्रमुख वंशिका सिंह और उनके साथी दीपिका यादव, शालवी सिंह, प्रथम कठेरिया और उत्कर्ष तोमर ने अपने मार्गदर्शक शिक्षक अविनाश भदौरिया के सानिध्य में अपने प्रोजेक्ट का कार्य किया। बाल वैज्ञानिकों ने अपना प्रोजेक्ट डीएम को दिखाया। उन्होंने बच्चों के परिश्रम की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। डॉ. आनंद ने बाल वैज्ञानिकों के उत्साहवर्धन के लिए स्कूल स्तर पर एक संगोष्ठी रखी। जिसमें बिजली संरक्षण पर चर्चा की गई।
ऐसे काम करता है यंत्र
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टाइमर एपलाइंसेस यत्र का उपयोग समझाते हुए बताया कि इसके प्रयोग से विभिन्न स्थान जैसे विद्यालय, बैंक, निवास स्थान आदि व्यवसाय के कार्यों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों में टाइमर एपलाइंसेस यंत्र को लगाकर उसमें निर्धारित समय की अवधि सेट करने के बाद वह यंत्र स्वत: ही बंद हो जाएगा।
जरूरत के अनुसार विद्युत ऊर्जा को संचालित कर सकते हैं
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बाल वैज्ञानिकों ने टाइमर एपलाइंसेस यंत्र का प्रयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब सभी कक्षाएं खाली हो जाती है तो उन कक्षाओं के पंखे खुले छूट जाते हैं तो बिजली अत्यधिक मात्रा में बर्बाद होती है।
ऐसे में टाइमर एपलाइंसेस यंत्र के माध्यम से सभी उपकरणें में अपनी जरूरत के अनुसार समय अवधि निर्धारित करके हम जिस उपकरण को चाहें अपनी जरूरत के अनुसार विद्युत ऊर्जा को संचालित कर सकते हैं। अवधि खत्म होने के बाद बिजली स्वत: संचालित होनी बंद हो जाती है। जिससे हम बिजली के अनावश्यक इस्तेमाल को रोक सकते हैं।