आतंक का पर्याय बना पांच लाख तीस हजार का इनामी डाकू आज भी आजाद घूम रहा है जिससे लोगों में दहशत है. ये वही डाकू है जिससे मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर शहीद हो गया था।
मुठभेड़ में घायल पांच लाख 30 हजार का इनामी डाकू बबुली कोल एवं उसके गैंग का हार्डकोर बदमाश 50 हजार का इनामी डाकू लवलेश कोल पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके हैं। इससे दस्यु गैंग के फिर से सक्रिय होने का अंदेशा है। इलाके के कुछ बदमाश गैंग में शामिल होने की फिराक में है। इसकी सुगबुगाहट मिलने से पुलिस भी सक्रिय हो गई है। वह गैंग को पनपने न देने के लिए नए सिरे से रणनीति बना रही है।