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धड़कते दिल पर सर्जरी कर वाल्व ट्रांसप्लांट

Wed, 10 Dec 2014 02:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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कॉर्डियोलॉजी में सोमवार को एक महिला के धड़कते दिल पर सर्जरी कर डाक्टरों ने उसके हार्ट का वाल्व बदलने में सफलता पाई।
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टीम का दावा है कि ऐसा ऑपरेशन पहली बार हुआ है और दिल नेचुरल तरीके से काम कर रहा है। इसके अलावा डाक्टरों की टीम ने महिला समेत दो और के धड़कते दिल पर आपरेशन कर उनके वाल्व के सुराख को बंद किया है।
हृदय रोग संस्थान (कॉर्डियोलॉजी) में सीटीवीएस के हेड डॉ. राकेश वर्मा ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि हार्ट लंग मशीन से जोड़ते हुए हृदय को पूरी तरह रोककर देश व दुनिया में वाल्व प्रत्यारोपण किया जा रहा है।
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यह बहुत आसान तरीका है लेकिन इसमें खामियां होती हैं। हृदय के रुक जाने पर उसकी मांसपेशियों की क्रिया में परिवर्तन होता है और हृदय पहले से कमजोर हो जाता है।
डॉ. वर्मा के मुताबिक कि कुछ दिन पहले घाटमपुर के बेंदा गांव के वीरेंद्र कुमार की पत्नी रामदेवी को कॉर्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया था।
परीक्षणों में पता चला कि रामदेवी के हार्ट का वाल्व खराब था और दिल का आकार भी काफी बड़ा मिला। इसके बाद धड़कते दिल पर ऑपरेशन सर्जरी की गई।
डा. वर्मा ने बताया कि सर्जरी करने से पहले विदेशों में किए जाने वाले वाल्व प्रत्यारोपण को इंटरनेट के माध्यम से समझा गया था। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पद्धति से ऑपरेशन के बाद दिल को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। विदेशों में इस तरह के ऑपरेशन का खर्च लाखों में होता है लेकिन यहां हजारों में है।
अगले साल फरवरी में हैदराबाद में होने वाले सेमिनार में इस टॉपिक को रखेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा पीड़ितों को इसका लाभ मिल सके।
डॉ. राकेश वर्मा ने कहा कि इससे पहले वह किसी सेमिनार में जाते थे तो उनका एक ही सवाल रहता था कि धड़कते दिल पर ऑपरेशन कैसे होता है लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिलता था।
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इसलिए उन्होंने ठान लिया था कि नई पद्धति को हर हाल में अपनाएंगे। ऑपरेशन से पहले अपनी सफलता पर पूरी तरह आश्वस्त था। पूरे ऑपरेशन के दौरान कोई दिक्कत नहीं आई।

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