बीसीपीएम ने सीएमओ दफ्तर से जानकारी की तो पता लगा कि ऐसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने दवा बांट रही टीम को सीएचसी बुलाया और पूछताछ की तो युवकों ने बताया कि आन शोध संस्थान ने उन्हें 15 हजार रुपये प्रति माह वेतन पर नौकरी दी है।
इसके लिए उन्होंने संस्था के लोगों को 80-80 हजार रुपये दिए थे। युवकों ने अपना नियुक्ति पत्र व डीडीओ व कायमगंज बीडीओ द्वारा जारी पत्र भी दिखाया। बीसीपीएम ने बताया इस मामले में सभी संबंधित अधिकारियों से बात हुई, लेकिन ऐसी कोई योजना नहीं बताई गई है। उन्होंने बताया कि लोगों से ठगी की जा रही है। बीसीपीएम ने उनके नाम पते नोट कर आगे से दवा वितरण न करने की चेतावनी देकर घर भेज दिया।
डीडीओ ने पत्र को बताया फर्जी
जिला विकास अधिकारी डीडी शुक्ला ने बताया कि उनके यहां से कोई ऐसा पत्र जारी नहीं हुआ है। अगर ऐसा कोई पत्र दिखाया जा रहा है तो वह फर्जी है। कायमगंज ब्लाक के बीडीओ विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने जिला विकास अधिकारी के पत्र के आधार पर दवा बांटने का अनुमति पत्र जारी कर दिया था। पता चला है कि यह एक एनजीओ का खेल है तो सभी प्रधान व सचिव को अवगत करा दिया गया है कि ऐसे लोगों का कोई सपोर्ट न करें।
शासन से मुफ्त दवा वितरण की अनुमति की बात कही
आन शोध संस्थान के जिला समन्वयक आलोक सिंह ने बताया उनकी संस्था कोरोना काल में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आर्सेनिक एलबम-30 दवा का मुफ्त वितरण कर रही है। इसके लिए शासन से अनुमति ली है। कायमगंज सीएचसी में सीएमओ का पत्र न पहुंचने से उन्हें काम के लिए रोका गया है।
उन्होंने सीएमओ दफ्तर में भी अनुमति लेने के लिए पत्र दिया है। सीएमओ ने अभी तक दवा वितरण का आदेश नहीं दिया था। काम करने वालों से 80 हजार लेने की जानकारी से उन्होंने इनकार कर दिया। डीडीओ के अनुमति पत्र को उन्होंने सही ठहराया है। सीएमओ की अनुमति के बाद दवा वितरित की जाएगी।
आर्सेनिक अलबम-30 दवा आयुष मंत्रालय द्वारा अधिकृत है। इसे आयुष मंत्रालय की ओर से जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराकर मुफ्त बांटा जा रहा है। यह दवा इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करती है। यह दवा पांच-पांच बूंद सुबह और शाम तीन दिन तक लेने से दो माह तक इम्युनिटी सिस्टम मजबूत रहता है। - डॉ. आरबी सिंह, सेवानिवृत्त मेडिकल ऑफीसर, लोहिया अस्पताल