अभी औसत 300 रोगी अस्पताल में रहते हैं भर्ती
न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि अगले 10 सालों में रोगियों की बढ़ी हुई अनुमानित संख्या के आकलन के आधार पर ट्रॉमा सेंटर की क्षमता बढ़ाई गई है। यह क्षमता मौजूदा से तीन गुना अधिक रहेगी। अभी ट्रॉमा के औसत 300 रोगी अस्पताल में भर्ती रहते हैं। बेसमेंट के तीन तलों में दो पर चार पहिया, दो पहिया और एंबुलेंस की पार्किंग रहेगी। निचले तल पर शव गृह रहेगा।
17-18 जिलों के रोगियों को मिलेगा लाभ
इसके अलावा ब्लड बैंक सेंटर, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, चेंजिंग रूम आदि रहेंगे। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा के रोगियों को एक छत के नीचे सभी विशेषज्ञताओं का इलाज मिलेगा। जीटी रोड के किनारे होने की वजह से ट्रॉमा रोगियों को लाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इसके लाभ 17-18 जिलों के रोगियों को लाभ मिलेगा। तुरंत इलाज मिलने से हादसों के घायलों की जान बचेगी।