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यूपी में डेंगू का कहर: 'टाइगर' के डंक से छह और मरीजों की मौत, तस्वीरों में देखें अस्पतालों का हाल

Thu, 21 Nov 2019 11:11 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेंगू का कहर - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कानपुर समेत आसपास के जिलों में डेंगू का कहर बढ़ता ही जा रहा है। डेंगू ने केंद्रीय विद्यालय की इंटर की छात्रा सहित छह और जिंदगियों को लील लिया। इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 123 हो गई। मेडिकल कॉलेज व उर्सला पैथोलॉजी में 33 निजी पैथालॉजी की जांच में 200 से ज्यादा मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग निजी पैथोलॉजी और नर्सिंगहोम में भर्ती मरीजों की संख्या उजागर नहीं कर रहा है।
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डेंगू का कहर - फोटो : अमर उजाला
डेंगू पीड़ित और इसके लक्षणों वाले हजारों मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इनमें कई की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू से सिर्फ तीन मौतें होने का दावा कर रहा है।
डेंगू से केंद्रीय विद्यालय-1, अर्मापुर में इंटर में पढ़ने वाली मेधावी छात्रा की बुधवार सुबह मौत हो गई। हंसपुरम निवासी छात्रा के पिता ने बताया कि बेटी को 4 नवंबर को बुखार आया था। 5 तारीख को उसे साकेत नगर स्थित पीपीएम अस्पताल में डॉ. अनिकेत त्रिपाठी के अंडर में भर्ती कराया गया था।
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डेंगू का कहर - फोटो : अमर उजाला
हालत में सुधार होने के बजाय पेट में भी तकलीफ होने लगी। गेस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. पियूष मिश्रा को दिखाया तो उन्होंने आभा नर्सिंगहोम में भर्ती किया, जहां जांच में डेंगू होेने का पता चला, जहां उसकी मृत्यु हो गई। इस बीच छात्रा की मां रानी को भी डेंगू हो गया, जिनका इलाज  लीलामणि हॉस्पिटल में चल रहा था। बेटी की मृत्यु होने पर दवाएं दिलाकर मां को घर लाया गया। इसी तरह बिल्हौर के ग्राम पिहानी मजबूत नगर निवासी शफीकन (59) पत्नी शफी की बुधवार को डेंगू से मौत हो गई।

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डेंगू का कहर - फोटो : अमर उजाला
शफीकन के पुत्र राशिद ने बताया कि मां को कई दिन से बुखार आ रहा था। गांव में लगे सरकारी शिविर में मां को दवाएं दिलाई थीं, पर हालत में सुधार नहीं हुआ। उन्हें एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। कल्याणपुर के मुन्ना शर्मा (48) को बुखार चढ़ने पर क्लीनिक में दिखाया गया। निजी पैथोलॉजी से जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान उन्हें सेरिब्रल मलेरिया हो गया। हालत गंभीर होने पर हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
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डेंगू का कहर - फोटो : अमर उजाला
रनिया (कानपुर देहात) निवासी मुन्ना बाबू गुप्ता की पत्नी रीता गुप्ता (55) को 17 नवंबर से बुखार आ रहा था। परिजनों ने शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 19 नवंबर को देर रात उनकी मौत हो गई। रीता के बेटे रामसागर ने बताया कि जांच के दौरान मां को डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। कन्नौज के ग्राम बलईपुर निवासी कृष्ण कुमार (35) को बुखार संग सांस लेने में तकलीफ होने लगी। निजी पैथोलॉजी की जांच में उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई। हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराने पर डॉक्टरों ने एक्यूट रिश्पेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम भी बताया। इलाज के दौरान कृष्ण कुमार की मौत हो गई।
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डेंगू का कहर - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज निवासी जय सिंह (46) को भी पांच दिन पहले बुखार आने पर डॉक्टरों ने डेंगू बताकर इलाज किया। लेकिन उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन हैलट इमरजेंसी लाए। सेप्टीसीमिया होने के साथ उनके फेफड़े, हार्ट, किडनी प्रभावित होने लगे। डॉक्टरों के मुताबिक मल्टी ऑर्गन फेल्योर से उनकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज माइक्रो बायोलॉजी विभाग और उर्सला पैथोलॉजी की जांच में 2311 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जबकि निजी पैथोलॉजी की जांच में पॉजिटिव मिले डेंगू रोगियों की संख्या इससे लगभग 10 गुना ज्यादा है।

बुधवार को मेडिकल कालेज, उर्सला पैथालॉजी में पता चले डेंगू रोगी - 33
इनमें से नगर से डेंगू रोगी - 23
इन दोनों पैथोलॉजी में अब तक पता चले डेंगू रोगी - 2311
इनमें से शहर के डेंगू रोगी - 1422
ग्रामीण क्षेत्र के डेंगू रोगी - 162
अन्य का पता दर्शाया जा रहा है - अज्ञात
डेंगू मरीज मिलने पर घरों में टीम भेजकर की गई कार्रवाई - 1359
घरों, दफ्तरों में मिले डेंगू मच्छरों के लार्वा - 3465
बुधवार को लगे स्वास्थ्य शिविर - 5
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