लेकिन रास्ते में नाक और कान से खून आ गया और मौत हो गई। इसी तरह कार्डियोलॉजी इमरजेंसी में बिधनू के राम नरेश (67), आजादनगर के करमचंद (62) और देवनगर के ज्ञानेंद्र सोनकर (51) मृतावस्था में लाए गए। वे हाइपरटेंशन के रोगी थे। रामनरेश और करमचंद पुराने हार्ट पेशेंट थे। ज्ञानेंद्र सोनकर रीवा के रहने वाले बताए जाते हैं। वह यहां निजी कंपनी में काम करते थे। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा का कहना है कि सर्दियों में हृदय रोगियों को दिक्कत बढ़ती है। इस मौसम में सचेत रहने की जरूरत होती है।