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वसूली का मामला: महिला दरोगा समेत तीन को जेल, मुखबिर फरार, दो कारोबारी भी गिरफ्तार 

Sun, 26 Jun 2022 09:12 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

महिला दरोगा ने सेक्स रैकेट संचालिका के साथ मिलकर जालौन के दो कारोबारियों को जाल में फंसाया था। साथ ही, मारपीट कर गहने लूटे थे और 15 लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी दरोगा को पुलिस ने 50 हजार लेते रंगेहाथ पकड़ा था।
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आरोपी दरोगा और होम गार्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देह व्यापार संचालिका के साथ मिलकर जालौन के दो कारोबारियों को लूटने और उनसे रंगदारी वसूलने में महिला दरोगा भुवनेश्वरी देवी व होमगार्ड संजीव कुमार विश्वकर्मा समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। रंगेहाथ पकड़ने जाने की वजह से आरोपी खामोश थे और बार-बार माफी मांग रहे थे। उधर पुलिस ने कारोबारियों पर देह व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उनको भी गिरफ्तार कर लिया।

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जालौन निवासी दो कारोबारी गुरुवार रात दो युवतियों के साथ पनकी स्थित एक अपार्टमेंट में ठहरे हुए थे। दोनों युवतियां सेक्स रैकेट संचालिका ने उपलब्ध कराईं थीं। उसके बाद संचालिका ने पुलिस के मुखबिर राहुल शुक्ला को इसकी जानकारी दी थी। राहुल ने परिचित दरोगा भुवनेश्वरी देवी के साथ मिलकर फ्लैट में दबिश दी और दोनों कारोबारियों को दबोच लिया था। दोनों के साथ होमगार्ड संजीव कुमार विश्वकर्मा भी शामिल था। 
गिरफ्तारी का डर दिखा कारोबारियों को पीटने के बाद जेवरात लूट लिए थे। शुक्रवार को जेवरात वापस करने के एवज में दरोगा ने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी थी। तब दरोगा को रंगेहाथ पुलिस ने पकड़ा था। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मामले में भुवनेश्वरी देवी, होमगार्ड संजीव कुमार और ठेले वाले माता प्रसाद गुप्ता को जेल भेजा गया है। राहुल शुक्ला फरार है। उसकी तलाश जारी है। माता प्रसाद गुप्ता के जरिये रकम का लेनदेन किया जा रहा था। इसलिए उसको भी आरोपी बनाया गया है।

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दोनों कारोबारी भी गिरफ्तार, तीन महिला आरोपी फरार 
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि मामले में सामने आया है कि सेक्स रैकेट संचालिका ही मुखबिर व पुलिस के साथ मिलकर वसूली का खेल करती है, इसलिए सेक्स रैकेट संचालिका, दो युवतियों के अलावा दोनों कारोबारियों पर भी देह व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। तीनों महिला आरोपी फरार हैं जबकि कारोबारी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। गिरफ्तार की गई दरोगा मूलरूप से अलीगढ़ की रहने वाली है। वर्तमान में वह एडीसीपी पूर्वी राहुल मिठास के कार्यालय में तैनात थी। 

माल बरामदगी समेत कई पुख्ता साक्ष्य, कसेगा शिकंजा
जब पुलिस ने दरोगा भुवनेश्वरी देवी को पकड़ा था उसके पास से तीन-चार लाख रुपये के जेवरात बरामद हुए थे। इसमें सोने की कई चेन व अंगूठियां शामिल हैं। कारोबारियों ने जेवरातों की तस्दीक की थी। जेसीपी ने बताया कि माल की आरोपियों की पास से बरामदगी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा घटनास्थल पर महिला दरोगा की मौजूदगी के वैज्ञानिक साक्ष्य हैं।

वसूली का खेल दरोगा ने पहले भी खेला पर बचा ली गई थी
महिला दरोगा भुवनेश्वरी देवी वसूली करने की पुरानी खिलाड़ी रही है। चकेरी थाने में तैनाती के दौरान प्रेमी युवक-युवतियों को पकड़कर पीटा था और उनसे 80 हजार रुपये वसूले थे। शिकायत के बाद जांच हुई थी जिसमें वह दोषी पाई गई थी। मगर केवल लाइन हाजिर कर मामले को रफादफा कर दिया गया था।

करीब चार साल पहले भुवनेश्वरी देवी की तैनाती चकेरी थाने में थी। उस दौरान एक मकान में दबिश देकर भुवनेश्वरी देवी ने प्रेमी जोडे़े को पकड़ा था। डरा धमका कर उससे 80 हजार रुपये वसूले थे। इसमें एक सिपाही भी शामिल था। मामले की शिकायत हुई थी, जिसकी जांच तत्कालीन सीओ कैंट अजीत सिंह चौहान को दी गई थी। सीओ ने जांच में दरोगा को दोषी ठहराया था। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश भी की थी लेकिन, भुवनेश्वरी देवी को सिर्फ  लाइन हाजिर किया गया था। तत्कालीन चकेरी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार शुक्ला ने भी उसको बचाने का प्रयास किया था। इससे स्पष्ट होता है कि इस तरह से जाल में फंसाकर वसूली करने का खेल लंबे समय से महिला दरोगा करती रही है।

शिकायत के बाद चौकी से हटाया 
कुछ समय पहले भुवनेश्वरी देवी सरसैया घाट चौकी इंचार्ज थी। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि इस दौरान भुवनेश्वरी देवी के पास घरेलू हिंसा संबंधी कुछ विवेचनाएं थीं, जिसमें वादी ने उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर शिकायत की थी। इसलिए तत्काल चौकी से हटाकर एडीसीपी पूर्वी के कार्यालय से अटैच कर दिया था। विवेचनाएं भी वापस ले ली गई थीं। अगर इन शिकायतों पर भी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई होती तो इस तरह की वारदात न होती। 

स्कूटी से पहुंची थी दरोगा
पुलिस की जांच में सामने आया कि सेक्स रैकेट संचालिका ने राहुल शुक्ला को कारोबारियों के बारे में जानकारी दी। राहुल ने भुवनेश्वरी देवी को दी। जिसके बाद भुवनेश्वरी देवी स्कूटी से पनकी स्थित अपार्टमेंट में पहुंची थी। उसके बाद कारोबारियों को राहुल की ईको स्पोर्ट्स कार से अगवा कर ले गई थी। 
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तीन आरोपी जेल भेजे गए हैं। जांच कर पता किया जा रहा है कि क्या पहले भी इस तरह की वारदात हुई हैं? अगर साक्ष्य मिलते हैं तो उन मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।  -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था

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