दोनों कारोबारी भी गिरफ्तार, तीन महिला आरोपी फरार
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि मामले में सामने आया है कि सेक्स रैकेट संचालिका ही मुखबिर व पुलिस के साथ मिलकर वसूली का खेल करती है, इसलिए सेक्स रैकेट संचालिका, दो युवतियों के अलावा दोनों कारोबारियों पर भी देह व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। तीनों महिला आरोपी फरार हैं जबकि कारोबारी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। गिरफ्तार की गई दरोगा मूलरूप से अलीगढ़ की रहने वाली है। वर्तमान में वह एडीसीपी पूर्वी राहुल मिठास के कार्यालय में तैनात थी।
माल बरामदगी समेत कई पुख्ता साक्ष्य, कसेगा शिकंजा
जब पुलिस ने दरोगा भुवनेश्वरी देवी को पकड़ा था उसके पास से तीन-चार लाख रुपये के जेवरात बरामद हुए थे। इसमें सोने की कई चेन व अंगूठियां शामिल हैं। कारोबारियों ने जेवरातों की तस्दीक की थी। जेसीपी ने बताया कि माल की आरोपियों की पास से बरामदगी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा घटनास्थल पर महिला दरोगा की मौजूदगी के वैज्ञानिक साक्ष्य हैं।
वसूली का खेल दरोगा ने पहले भी खेला पर बचा ली गई थी
महिला दरोगा भुवनेश्वरी देवी वसूली करने की पुरानी खिलाड़ी रही है। चकेरी थाने में तैनाती के दौरान प्रेमी युवक-युवतियों को पकड़कर पीटा था और उनसे 80 हजार रुपये वसूले थे। शिकायत के बाद जांच हुई थी जिसमें वह दोषी पाई गई थी। मगर केवल लाइन हाजिर कर मामले को रफादफा कर दिया गया था।
करीब चार साल पहले भुवनेश्वरी देवी की तैनाती चकेरी थाने में थी। उस दौरान एक मकान में दबिश देकर भुवनेश्वरी देवी ने प्रेमी जोडे़े को पकड़ा था। डरा धमका कर उससे 80 हजार रुपये वसूले थे। इसमें एक सिपाही भी शामिल था। मामले की शिकायत हुई थी, जिसकी जांच तत्कालीन सीओ कैंट अजीत सिंह चौहान को दी गई थी। सीओ ने जांच में दरोगा को दोषी ठहराया था। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश भी की थी लेकिन, भुवनेश्वरी देवी को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया था। तत्कालीन चकेरी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार शुक्ला ने भी उसको बचाने का प्रयास किया था। इससे स्पष्ट होता है कि इस तरह से जाल में फंसाकर वसूली करने का खेल लंबे समय से महिला दरोगा करती रही है।
शिकायत के बाद चौकी से हटाया
कुछ समय पहले भुवनेश्वरी देवी सरसैया घाट चौकी इंचार्ज थी। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि इस दौरान भुवनेश्वरी देवी के पास घरेलू हिंसा संबंधी कुछ विवेचनाएं थीं, जिसमें वादी ने उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर शिकायत की थी। इसलिए तत्काल चौकी से हटाकर एडीसीपी पूर्वी के कार्यालय से अटैच कर दिया था। विवेचनाएं भी वापस ले ली गई थीं। अगर इन शिकायतों पर भी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई होती तो इस तरह की वारदात न होती।
स्कूटी से पहुंची थी दरोगा
पुलिस की जांच में सामने आया कि सेक्स रैकेट संचालिका ने राहुल शुक्ला को कारोबारियों के बारे में जानकारी दी। राहुल ने भुवनेश्वरी देवी को दी। जिसके बाद भुवनेश्वरी देवी स्कूटी से पनकी स्थित अपार्टमेंट में पहुंची थी। उसके बाद कारोबारियों को राहुल की ईको स्पोर्ट्स कार से अगवा कर ले गई थी।
तीन आरोपी जेल भेजे गए हैं। जांच कर पता किया जा रहा है कि क्या पहले भी इस तरह की वारदात हुई हैं? अगर साक्ष्य मिलते हैं तो उन मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की गहनता से तफ्तीश की जा रही है। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था