इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार ने नौ साल पहले हत्या के मामले में महिला समेत दो भाइयों को आजीवन कारावास व 15-15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट को जुर्माना न देने पर आरोपियों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
थाना ऊसराहार क्षेत्र के ग्राम सुंदरा निवासी नीलम ने बताया कि आठ नवंबर 2016 को सुबह आठ बजे खेत से पति राजवीर के साथ घर आ रही थी। रास्ते में गांव के ही आमोद, उसके भाई सुबोध, आमोद की पत्नी विमला व परिवार की मंजू ने उसका रास्ता घेर लिया और पुरानी बातों को लेकर गालीगलौज करने लगे।
राजवीर ने जब विरोध किया तो आमोद ने तमंचे फायर कर दिया। राजवीर को गोली लगी और वह बेहोश होकर गिर पड़े। नीलम के चिल्लाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। ग्रामीणों की मदद से राजवीर को अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने राजवीर को मृत घोषित कर दिया।
नीलम ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने आमोद, सुबोध व मंजू को दोषी पाया। तीनों को आजीवन कारावास व 15-15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में विमला देवी को बरी कर दिया।