कानपुर बिधनू के कल्याणीपुरवा गांव में रामगंगा नहर नहाने गए तीन दोस्त तेज बहाव में डूब गए। एक ने नहर किनारे की झाड़ियां पकड़कर खुद की जान बचा ली। दो दोस्तों के शव दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाले गए।
बर्रा-8 निवासी पॉलीटेक्निक छात्र शशांक (19) और मोहल्ले में रहने वाले 12वीं के छात्र उत्कर्ष श्रीवास्तव (17) व नीट की तैयारी कर रहे कृष्णकांत नायक(21) दोस्त थे। बुधवार को उत्कर्ष की स्कूटी से तीनों नहाने के लिए कल्याणीपुरवा गांव स्थित रामगंगा नहर किनारे पहुंचे। तीनों ने पुल से नहर में छलांग लगा दी। तेज बहाव में उत्कर्ष और कृष्णकांत डूब गए, जबकि शशांक ने झाड़ियां पकड़ कर खुद की जान बचा ली। उसने शोर मचाया और दोनों दोस्तों के परिजनों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीण रस्सा डालकर नहर में उतरे और करीब आधे घंटे बाद उत्कर्ष का शव बाहर निकाल लिया। उसके बाद पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से कृष्णकांत की तलाश शुरू कराई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों को उसका शव भी मिल गया।
दो परिवारों के इकलौते चिराग बुझे
बर्रा-8 निवासी उत्कर्ष मां-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता रत्नेश श्रीवास्तव रनियां स्थित एक फैक्ट्री में इंजीनियर हैं। बेटे की मौत की खबर पाकर रत्नेश और उनकी पत्नी रत्ना बेसुध हो गए। वहीं, कृष्णकांत भी परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता अनिल नायक रनियां की एक खाद्य ऑयल कंपनी में मैनेजर हैं। परिवार में अनिल की पत्नी सुधा, तीन बेटियां और कृष्णकांत ही था।