इटावा। दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक से इटावा जंक्शन से गुजरने वाली तीन एक्सप्रेस गाड़ियों को निरस्त कर दिया गया था। अचानक लंबी दूरी की ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई। रविवार को इन ट्रेनों से जाने वाले 765 यात्रियों ने अपनी आरक्षित टिकट निरस्त करवाई। यह जानकारी उत्तर-मध्य रेलवे प्रयागराज के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने दी।
उन्होंने बताया कि रविवार को झूसी-प्रयागराज रामबाग खंड में दोहरीकरण लाइन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया गया। इसके चलते कई ट्रेनों को आंशिक रूप से निरस्त किया गया। इसके अलावा कई गाड़ियों का मार्ग परिवर्तन किया गया है। इसमें इटावा जंक्शन से गुजरने वाली तीन गाड़ियां शामिल हैं। इसमें बनारस-नई दिल्ली आठ दिसंबर व नौ दिसंबर को निरस्त रहेगी। वहीं, वापसी में यह ट्रेन 11 व 12 को निरस्त कर दिया गया।
इसी तरह आनंद बिहार-सीतामड़ी एक्सप्रेस नौ दिसंबर से 11 दिसंबर को निरस्त रहेगी। इसी तरह वापसी में सीताबड़ी-आनंद बिहार एक्सप्रेस 11 से 13 दिसंबर को निरस्त रहेगी। जम्मू-तवी-धनबाद एक्सप्रेस आठ दिसंबर से 11 दिसंबर को नहीं आएगी, वापसी में धनबाद-जम्मू तवी एक्सप्रेस 10 दिसंबर को नहीं आएगी। इन ट्रेनों के निरस्त होने पर रविवार को एक-एक करके शाम चार बजे तक 765 यात्रियों ने आरक्षित टिकटें निरस्त करवा दी।
महानंदा एक्सप्रेस एक घंटा 20 मिनट रही लेट
इटावा जंक्शन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के लेट आने का सिलसिला जारी रहा। रविवार को महानंदा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर तीन पर 1 घंटा 20 मिनट देरी से स्टेशन पर पहुंची। इसी तरह कालका नेताजी एक्सप्रेस 30 मिनट, मुरी एक्सप्रेस 20 मिनट, नार्थ ईस्ट 30 मिनट देरी से स्टेशन पर पहुंची। ट्रेनों के काफ लेट रहने से यात्रियों को असुविधा हुई।