मृतक बच्चों की फाइल फोटो, घटनास्थल पर मौजूद सीओ
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के हरदोई जिले में लोनार कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अलियापुर में एक खेत में लगे विद्युत पोल के सपोर्ट वायर में करंट उतरने से इसकी चपेट में आकर तीन बच्चों की मौत हो गई। तीनों बच्चे आपस में दोस्त थे और गांव में पास-पास ही इनके मकान थे। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ हरपालपुर घटनास्थल पर पहुंच गए और जानकारी ली।
लोनार कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अलियापुर में राकेश के घर के सामने रामवीर का खेत है। इस खेत में बिजली का पोल लगा है। पोल के साथ ही सपोर्ट वायर लगा है, जो कि खेत में नीचे जमीन तक आया है। रविवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे राकेश का पुत्र मानू (12) गांव के ही राजू के पुत्र नितिन (11) और साधू के पुत्र अमित (12) के साथ अपने घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते अचानक मानू घर के सामने खेत में लगे पोल के पास पहुंच गया।
तीनों बच्चे आपस में ही सपोर्ट वायर से चिपक गए
मृतक बच्चों की फाइल फोटो
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इसी दौरान उसने पोल के सपोर्ट वायर को पकड़ लिया। सपोर्ट वायर में करंट दौड़ रहा था। मानू करंट की चपेट में आ गया और छटपटाने लगा। यह देखकर नितिन और अमित भी उसे छुड़ाने के लिए पहुंच गए तो वह दोनों भी करंट की चपेट में आ गए। तीनों बच्चे आपस में ही सपोर्ट वायर से चिपक गए।
इसी दौरान गांव के सुआराम उधर से निकले तो उन्होंने तीनों बच्चों को सपोर्ट वायर से चिपके देखा। इस पर सुआराम ने बच्चों के लात मारी तो सुआराम को भी करंट लग गया। इस पर वह सामने स्थित राकेश के घर गए और शोर मचाना शुरु कर दिया। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने बांस से सपोर्ट वायर को तोड़ दिया तो उसमें करंट आना बंद हो गया और तीनों बच्चे छिटककर गिर पड़े।
घटना से गांव में कोहराम मच गया
मृतक बच्चों की फाइल फोटो
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आनन-फानन ही ग्रामीण तीनों बच्चों को लेकर सवायजपुर में एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए, लेकिन उसने तीनों बच्चों को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही तीनों की मौत हो गई, तो परिजन तीनों शव घर ले गए। घटना से गांव में कोहराम मच गया। जानकारी पर सीओ हरपालपुर नागेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली।
पीड़ित परिवारों को मिलेगी पांच-पांच लाख रुपये की सहायता
घटना को लेकर विद्युत वितरण खंड एक के अधिशासी अभियंता एके सिंह ने कहा कि दुर्घटना दुखद है। विभागीय नियमों के मुताबिक तीनों मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना देर से पता चली। जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी व अन्य अभियंताओं को मौके पर भेज दिया गया है।