डेंगू से गुरुवार को तीन बच्चों की मौत हो गई। अभी तक शहर में 12 लोग डेंगू की वजह से जान गंवा चुके हैं। कई अन्य मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। गुरुवार के बुखार से पीड़ित 90 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से हैलट और उर्सला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड फुल हो गए हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इस महीने डेंगू रोगियों की संख्या एक हजार पार हो चुकी है। हरदेव नगर (दामोदर नगर) स्थित राजमाता स्कूल के पास रहने वाले आशू शर्मा के 12 वर्षीय इकलौते बेटे रामजी को 29 अक्तूबर को बुखार की वजह से गुंजन विहार में डॉ. धर्मेंद्र को दिखाया गया था। आशू ने बताया कि बेटे की सीबीसी जांच कराने पर प्लेटलेट्स काउंट 12 हजार आए। डेंगू का इलाज शुरू कर दिया गया।
हालत बिगड़ने लगी, तो उसे बुधवार को नौबस्ता स्थित धन्वंतरि अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात उसकी मौत हो गई। नौबस्ता स्थित आत्माराम अस्पताल में भर्ती बिधनू के ग्राम तुलसीयापुरवा निवासी हरिश्चंद्र के बेटे आयुष (5) की गुरुवार शाम मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि आयुष को एक हफ्ते से तेज बुखार आ रहा था। जांच में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई थी।
तुलसीयापुरवा के साथ ही आसपास के नगवां, पिपरगवां, कुरियां, खरकपुर, इमलीपुर गांव में सैकड़ों लोगों को बुखार आ रहा है। इसी तरह कल्याणपुर निवासी 12 साल के बच्चे को दो दिन पहले बुखार आने पर क्षेत्र के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया था, जहां निजी पैथालॉजी से जांच कराने पर उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। नर्सिंगहोम से गुरुवार सुबह उसे बाल रोग चिकित्सालय रेफर किया गया।
बाल रोग चिकित्सालय पहुंचने से पहले ही उसकी मौैैैत हो गई। बाबूपुरवा में पुराना सेंटर पार्क के पास न्यू लेबर कॉॅलोनी में रहने वाले शोभित श्रीवास्तव (15) को डेंगू होने की वजह से एंजिल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर है। हैलट, उर्सला में पहुंचे बुखार के मरीजों में 100 से ज्यादा में डेंगू जैसे लक्षण मिले।
उर्सला में ऐसे 90 मरीजों के खून की जांच की गई, इनमें से 42 में डेंगू की पुष्टि हुई। मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच में भी डेंगू के 45 मरीज मिलने की सूचना है। निजी पैथालॉजी में भी डेंगू के मरीज मिले हैं। कुल 90 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।