मूर्ति विसर्जन के दौरान बिल्हौर कस्बे के अकबरपुर सेंग गंगा घाट पर चार युवक अचानक गहरे पानी में जाने से डूब गए। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे एक युवक को तो बचा लिया, लेकिन तीन युवकों का सुराग नहीं लगा सके। पुलिस और राजस्व के अधिकारियों के निर्देश पर लगातार गंगा नदी में जाल डालकर डूबे युवकों की तलाश की जा रही है।
नवरात्र के अवसर पर ग्रामीणों द्वारा रसूलपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। शुक्रवार को मूर्ति विसर्जन के लिए गांव के सैकड़ों महिलाएं-पुरुष अकबरपुर सेंग घाट पर पहुंचे। मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम के दौरान ही कुछ युवक गंगा नदी में तैरने लगे।
इस बीच गांव के कुछ युवा गोता लगाकर नदी में तैरने लगे। रसूलपुर गांव निवासी प्रत्यक्षदर्शी बलवीर सिंह, रज्जन ने बताया कि विसर्जन के दौरान गांव के कोमल सिंह का पुत्र सूरज (18), गया प्रसाद पाल का पुत्र छोटे (40) और शिवबालका का पुत्र शिशुपाल (19) तेज धार में डूबने लगा।
तीनों को डूबता देख गांव के ही रामरतन ने छलांग लगा बचाने का प्रयास किया, लेकिन भंवर में फंसे होने से चारों लोग नदी के गहरे पानी में चले गए। शोर-शराबा सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने नाव से गोताखोरों को नदी में उतारा।
रामरतन को बेहोशी की हालत में खोज निकाला गया। देर शाम तक गोताखोरों ने घंटों मशक्कत की, लेकिन तीनों युवकों सुराग नहीं लग सका। अकबरपुर सेंग गांव के ग्राम प्रधान पति रामकिशोर ने बताया कि गंगा में तैरने के दौरान घटना हुई है।
जल पुलिस के जवान सहित कई गोताखोरों को नदी में उतारा गया, लेकिन युवकों का कोई सुराग नहीं लग सका है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक नदी में जगह-जगह जाल डलवाकर डूबे युवकों को खोजने का प्रयास किया जा रहा है।