कानपुर। डाॅ. आरिफ का कनेक्शन डाॅ. शाहीन से जुडने के बाद अशोकनगर स्थित फ्लैट के आसपास रहने वालों में चर्चाओं का दाैर शुरू हो गया। स्थानी लोगों का कहना है कि डाॅ. आरिफ से लग्जरी गाड़ियों से मिलने लोग आते थे। उसका आने-जाने का भी कोई समय नहीं था। वह कार में बैठकर चला जाता था और कार वाले ही उसे फ्लैट के सामने छोड़ जाते थे। अब पुलिस उसके घर आने वाले लोगों की पड़ताल में जुटी है।
न दुआ सलाम करता न बातचीत
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर। अशोकनगर में डॉ. आरिफ के फ्लैट मालिक कन्हैैयालाल ने बताया कि इन दिनों फ्लैट में निर्माण कार्य चल रहा है। दिनभर काम करने वाले कर्मचारियों की चहलकदमी रहती है। इस कारण वह अक्सर गेट के पास ही बैठकर नजर बनाए रहते हैं। बताया कि डॉ. आरिफ उनके सामने से गुजरा तो भी कभी दुआ सलाम नहीं होती थी। उसका व्यवहार ही समझ में नहीं आया।
डॉ. आरिफ शांत स्वभाव है। फ्लैट में किसी से और आसपास दुकानदारों से भी किसी से कोई मतलब नहीं था। उसके अलावा तीन थ्री बीएचके फ्लैट में मेट्रो, इंश्योरेंस कंपनी, नगर निगम के लोग भी अनुबंध पर रहते हैं। जो लोग अक्सर बातचीत करते हुए जाते हैं।
..........
..........
दो महीने पहले खाना बनाने के लिए रखा था
डॉ. आरिफ और डॉ. अभिषेक के लिए खाना बनाने वाली बेनाझाबर निवासी रसोईया उर्मिला ने बताया कि वह दो महीने पहले फ्लैट में काम करने आई थी। दो महीने से खाना और बर्तन सफाई के 4,500 रुपये सैलरी पर रखा था। बताया कि डॉ. पायदान के नीचे चाबी रखकर चला जाता थी। वह वहां से चाबी निकालकर काम करने के बाद बंद कर वहीं रखकर चली जाती थी। उसकी एक महीने की सैलरी फंस गई है।