आईआईटी में काउंसलिंग के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराता स्टूडेंट।
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कानपुर। कैंपस सेलेक्शन और एशियाई रैंकिंग में सुधार की वजह से अच्छी रैंक लाने वालों ने आईआईटी कानपुर में एडमिशन लिया है। इस बार (2016) 3800 रैंक पाने वाले स्टूडेंटों को ही एडमिशन मिल सका है। पिछले साल (2015) यही रैंक 4200 थी। इससे आईआईटी प्रशासन गदगद है। प्रशासन का कहना है कि टॉप-100 के स्टूडेंट भले ही नहीं आए लेकिन अच्छी रैंक वाले स्टूडेंटों ने एडमिशन में आईआईटी कानपुर को वरीयता दी है। इसकी मुख्य वजह आईआईटी कानपुर की एशियाई रैंकिंग (48वीं) और सत्र 2015-16 के कैंपस सेलेक्शन (91 फीसदी) रहा है। पिछले साल यही रैंकिंग 80वीं थी। जबकि 77 फीसदी स्टूडेंटों को ही जॉब मिल सकी थी। आईआईटी कानपुर में 827 सीटें हैं।
आईआईटी और उनकी सीटों का विकल्प लॉक करने वाले स्टूडेंटों केे शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन शुक्रवार को लेक्चर हॉल कांप्लेक्स-7 और 17 में हुआ। बायोमेट्रिक अटेंडेंस ली गई। फिंगर प्रिंट भी कराए गए। साथ ही सामान्य कैटेगरी के स्टूडेंटों से 45 हजार और आरक्षित श्रेणी के स्टूडेंटों से 20 हजार रुपये जमा कराके सीटें कन्फर्म की गईं। एडमिशन के प्राविजनल लेटर भी जारी किए गए। यह सिलसिला 5 जुलाई तक चलता रहेगा। 6 जुलाई से एडमिशन के आधिकारिक लेटर जारी होंगे। जेईई चेयरमैन प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि आईआईटी कानपुर के 827 सीटों के विकल्प लॉक हो गए हैं। इस बार एडमिशन की रैंकिंग में सुधार हुआ है। यह अच्छे संकेत हैं। पहले चरण के सीट अलाटमेंट का पूरा ब्योरा 6 जुलाई को वेबसाइटों पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।