एयरफोर्स में विंग कमांडर मधु सेंगर नारी सशक्तीकरण की मिसाल हैं। मधु ने लीक से हटकर प्रोफेशन चुना, फिर परिवार और जॉब के बीच सामंजस्य बैठाकर आगे बढ़ती चली गईं। आम तौर पर सेना की जॉब को पुरुष प्रधान माना जाता है लेकिन शहर की बेटी ने इस मिथक को तोड़ दिया। 14 साल की सेवा में विंग कमांडर बनीं। उनकी तैनाती चकेरी एयरफोर्स स्टेशन में है।
मूल रूप से विधूना औरैया की रहने वाली मधु सेंगर की प्रारंभिक पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय सरसौल से हुई। पिता इंद्रपाल सिंह सेंगर इसी स्कूल में प्रिंसिपल थे, फिर आजमगढ़ ट्रांसफर हो गया। इसके बाद मधु ने जवाहर नवोदय विद्यालय जीएनपुर से हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की पढ़ाई की, फिर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पीपीएन कॉलेज कानपुर से किया। वर्ष 2000 में सेना और एयरफोर्स में सेलेक्शन का टेस्ट दिया और स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के लिए नाम आ गया।
एसएसबी क्लीयर करके वर्ष 2001 में बतौर ट्रेनी पोस्टिंग ली। मेहनत, लगन से काम किया। ट्रेनी से फ्लाइंग आफिसर बनीं, फिर फ्लाइट लेफ्टिनेंट का पद मिला। स्क्वाड्रन लीडर पर प्रमोशन हुआ। अब विंग कमांडर हैं। मधु को अपने पिता और मां उमा सिंह सेंगर से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। पिता ने कहा कि जो काम लड़कियां कर सकती हैं, वह लड़के नहीं कर सकते।
इससे मधु का उत्साह और आत्मबल बढ़ा। इसे सफलता का सूत्र मानकर वह आगे बढ़ीं। सकारात्मक सोच बनाए रखा। इसी का नतीजा रहा कि एयरफोर्स में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। मधु की शादी कानपुर नगर के जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा से हुई है। बेटी चेतना और बेटा चेतन यहीं पढ़ाई कर रहे हैं। इन सबके बीच सामंजस्य बैठाकर मधु एयरफोर्स की जॉब अच्छे से कर रही ह्रैं। उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर सहित देश के कई राज्यों में हो चुकी है।