शादियां ताे अापने बहुत सी देखीं हाेगी, लेकिन यह शादी कुछ हटकर हाेगी। इसमें बैंड बाजा अाैर बारात कुछ अलहदा से नजर आएंगे। शादी समाराेह एक हाेगा, लेकिन दुल्हे अाैर दुल्हन के जाेड़े पूरे नाै हाेंगे। जाे अपने नए जीवन की शुरूअात करेंगे। खास बात है कि इन सभी की यह दूसरी शादी हाेगी अाैर इनके बराती हाेंगे इनके अपने ही बच्चे। चाैंक गए न, लेकिन यह बिल्कुल हकीकत है। अमर उजाला ने समाज के उन विधवा अाैर विधुर के चेहरे पर फिर से खुशियां बिखेरने की काेशिश की है जाे जिनकी जिंदगी से रंगाें की बयार ही दूर हाे गए थे। इस खास विवाह का अायाेजन 6 अक्टूबर यानी ठीक नवरात्रि के दिन कानपुर के हाेटल लैंडमार्क में हाेना है। हालांकि इस शादी काे बेहतरीन बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू भी हाे चुकी हैं।
हाेगा नाै कन्याअाें का पूजन
‘अमर उजाला’ की पहल पर विधवा, विधुर सामूहिक विवाह 6 अक्तूबर को पांच सितारा होटल लैंडमार्क में आयोजित होगा अाैर इसी दिन नौ कन्याओं का पूजन भी होगा। इसमें शहर में सामूहिक विवाह का आयोजन कराने वाली विभिन्न संस्थाओं का भी सहयाेग रहेगा।