कानपुर यूनिवर्सिटी का एकेडमिक रिसोर्स सेंटर आर्ट, साइंस और कामर्स की पढ़ाई को अब जॉब ओरिएंटेड बनाएगा। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। डीएवी पीजी कॉलेज से रिटायर टीचर डॉ. प्रभात वाजपेयी सेंटर के पहले प्रभारी बने हैं। डॉ. प्रभात की देखरेख में ही अलग-अलग सब्जेक्ट के डीन कोर्स को अपग्रेड करेंगे। क्वेश्चन बैंक तैयार करेंगे, ये क्वेश्चन जॉब ओरिएंटेड होंगे। साइंस, आर्ट, कामर्स के अलग-अलग सब्जेक्ट के एग्जाम में इसी बैंक से क्वेश्चन पूछे जाएंगे। यह व्यवस्था इसी सत्र (2016-17) से शुरू हो जाएगी।
कानपुर यूनिवर्सिटी कैंपस और संबद्ध 1200 से ज्यादा राजकीय, अनुदानित, सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से मंगलवार को एकेडमिक रिसोर्स सेंटर की स्थापना की गई है। डीन, सब्जेक्ट एक्सपर्ट और पेपर सेटर (शिक्षक) की मदद से क्वेश्चन बैंक बनाया जाएगा। इससे क्वेश्चन पेपर में गड़बड़ी की भी गुंजाइश नहीं रहेगी। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने बताया कि कानपुर यूनिवर्सिटी का दायरा यूपी के 11 जिलों में फैला है। अंडर ग्रेजुएट (यूजी) और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) के 12 लाख से ज्यादा स्टूडेंट पढ़ते हैं। इन सबको अच्छा स्टडी मैटेरियल मिले, इसकी व्यवस्था एकेडमिक रिसोर्स सेंटर सुनिश्चित कराएगा। कानपुर यूनिवर्सिटी यूपी की पहली यूनिवर्सिटी है, जहां अलग-अलग सब्जेक्ट का क्वेश्चन बैंक तैयार कराने का फैसला हुआ है।
पूरी किताब पढ़ें, तभी हल कर पाएंगे क्वेश्चन
अब स्टूडेंटों को पूरी किताब पढ़नी होगी, तभी क्वेश्चन बैंक का पूरा पेपर हल किया जा सकेगा। नई व्यवस्था से स्टूडेंटों की कक्षा में उपस्थिति भी बढ़ेगी। सेंटर प्रभारी ने बताया कि क्वेश्चन बैंक हिंदी और अंग्रेजी में एक साथ बनेगा।
खत्म होगा कंपनियों का खेल
क्वेश्चन बैंक बनने के बाद गाइड और अनसॉल्व पेपर बनाने वाली कंपनियों का खेल खत्म हो जाएगा। वह संभावित क्वेश्चन के हिसाब से गाइड का प्रकाशन नहीं कर सकेंगी।
इन जिलोें में हैं कॉलेज
कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, लखीमपुर खीरी और सीतापुर।