कानपुर। साइबर ठगों ने जिस तरीके से पीबी सोसाइटी ज्वैलर्स को 1.09 करोड़ का चूना लगाया है इसी तरह से जुलाई में जेके ग्रुप से भी ठगी की थी। कंपनी के एमडी राघवपत सिंहानिया की फोटो लगाकर उनकी ट्रेडिंग कंपनी यदुपति ट्रेड बिज्ज के निदेशक को मैसेज भेजकर 1.97 करोड़ रुपये हड़पे थे। हालांकि, समय रहते 1.28 करोड़ रुपये होल्ड करा लिए गए थे। ऐसे में शातिर 69 लाख रुपये ही हड़प पाए थे। वहीं, ज्वैलर्स कारोबारी के मामले में शिकायत देर से होने के कारण रुपये होल्ड नहीं कराए जा सके।
कमला टावर में यदुपति ट्रेड बिज्ज का कार्यालय है। यहां रियल इस्टेट और ट्रेडिंग कंपनी का बिजनेस होता है। कंपनी के निदेशक अनिल कुमार अग्रवाल के वॉट्सएप नंबर पर एक अंजान नंबर से मैसेज आया था। उसमें कंपनी के मैनेजर राघवपति सिंहानिया की फोटो लगी हुई थी। मैसेज में नंबर सेव करने के लिए कहा गया। निदेशक ने नंबर सेव कर लिया। अगले दिन उसी नंबर से कोलकाता की फार्मा कंपनी मां तारा के खाते में 1.97 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए। एमडी से मुलाकात के बाद सच्चाई सामने आने पर कुछ रुपये होल्ड करा दिए थे।
शुक्रवार का दिन ही ठगी के लिए मुफीद
पीबी सोसाइटी को 1.09 करोड़ का चूना लगाने वाले साइबर ठगों ने शुक्रवार का दिन ही चुना। इस दिन को चुनने के पीछे शातिरों का एक खास प्लान होता है। मोबाइल हैक करना हो या खातों से रकम पार हुई हो दो दिन अवकाश होने के कारण पीड़ित परेशान रहते हैं। ठगी का अहसास होने के बावजूद मदद के लिए कंपनी के शहर में बने सेंटर या बैंक से मदद नहीं ले पाते हैं। शहर के नामी ट्रांसपोर्टर और गुरुद्वारा बन्नोभाई साहिब के पूर्व प्रधान मोहकम सिंह को शातिरों ने ई-सिम बदलकर खातों से 1.26 करोड़ रुपये की ठगी की थी। शुक्रवार रात उनके पास सिम बंद होने का मैसेज आया। अगले दो दिन बैंक और शहर में स्थित कस्टमर केयर बंद होने से वह शिकायत दर्ज नहीं करा पाए थे।