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यूपी का ये शहर है आतंकियों के निशाने पर, जुड़े हैं टेरर फंडिंग के भी तार 

Fri, 22 Jun 2018 03:47 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- पुणे से पकड़े गए मास्टर माइंड रमेश शाह के गुर्गे कानपुर रेंज के जिलों में सक्रिय 
- यहां से सिम एक्टिवेट कराकर पाकिस्तान के लोगों से लंबी-लंबी बातचीत की
 
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डेमाे पिक
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विस्तार
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आतंकियों को फंडिंग के तार यूपी के कानपुर शहर से भी जुड़े हैं। टेरर फंडिंग मामले के मास्टर माइंड रमेश शाह को एटीएस कानपुर के डिप्टी एसपी मनीष सोनकर और महाराष्ट्र एटीएस टीम ने पुणे से दबोच लिया।

 

पूछताछ में रमेश शाह के कानपुर नेटवर्क का भी पता चला है। रमेश शाह के साथी कानपुर रेंज के जिलों में सक्रिय हैं जो तो देश भर में घूमकर आतंकियों के लिए फंड जुटाने और पहुंचाने का काम संभालते हैं। इस मामले से जुड़े एक शख्स की एटीएस कानपुर को तलाश है।

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एटीएस टीम ने 24 मार्च को गोरखपुर से छह लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी पाकिस्तान के हैंडलर के निर्देश पर काम करते थे। ये लोग फर्जी नाम व पते पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उसमें देश के विभिन्न राज्यों से धनराशि मंगाते थे। मध्य-पूर्व के देशों, जम्मू-कश्मीर, केरल व पूर्वोत्तर के कई राज्यों से एक करोड़ से ज्यादा धन प्राप्त किया। फिर इसे कश्मीर में पत्थरबाजों और आतंकियों तक पहुंचाया। इस मामले के मास्टर माइंड रमेश शाह के गिरफ्त में आने के बाद कानपुर नेटवर्क का भी पता चला है।

 

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डेमाे पिक
सूत्रों के अनुसार रमेश पिछले साल कानपुर आया था। कुछ लोगों से मुलाकात की थी। रमेश शाह के टेरर फंडिग गैंग से जुड़े एक शातिर ने कानपुर रेंज के एक जिले से सिम एक्टिवेट कराया था। उसने इसी सिम से पाकिस्तान के तमाम लोगों से लंबी-लंबी बातचीत की। एटीएस कानपुर यूनिट ने उसे रडॉर पर लिया तो पता चला कि इस शख्स ने जिस जिले से सिम एक्विेट कराया, वहां से एक भी कॉल पाकिस्तान में नहीं की। उसने बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में जाकर पाकिस्तान के तमाम लोगों से बात की। इसके बाद सिम बंद हो गया। इसी सिम और फोन करने वाले की छानबीन एटीएस कानपुर यूनिट कर रही थी तभी रमेश शाह रडार पर आ गया।  सूत्रों के मुताबिक एटीएस टीम रमेश से पूछताछ कर रही है। जरूरी हुआ तो उसे रिमांड पर लेकर भी पूछताछ करेगी, ताकि फंडिंग के पूरे रैकेट का खुलासा हो सके। 

आतंकी साजिशों से पहले भी जुड़े तार
20 नवंबर-2016: पुखरायां (कानपुर देहात) में इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसा, 152 मौत, 300 से ज्यादा घायल
31 नवंबर-2016 मंधना में फर्रुखाबाद पैसेजर पलटाने की साजिश, पटरी काटी गई
28 दिसंबर-2016 रुरा में अजमेर सियालदाह एक्सप्रेस पटरी से हुई, 70 घायल

आतंकियों के लिहाज से संवेदनशील है कानपुर
कानपुर में पहले भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े कई स्लीपिंग माड्यूल्स पकड़े गए। आईएसआईएस से जुड़े कई आतंकियों को चकेरी इलाके से एटीएस ने गिरफ्तार किया था। आईएसआईएस के खुरासान माड्यूल के एक आंतकी जाजमऊ निवासी सैफुल्लाह को एटीएस ने लखनऊ में मुठभेड़ में मार गिराया था। सैफुल्लाह और उसके साथियों ने भोपाल (मध्यप्रदेश) में उज्जैन-भोपाल पैसेंजर में ब्लास्ट किया था। पूरा खुरासान माड्यूल जाजमऊ इलाके का था।
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