कानपुर में 30 हजार छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया है। एग्जाम फीस में बढ़ोतरी का अनुमोदन यूनिवर्सिटी प्रशासन से न मिलने के कारण ऐसा हुआ है। जिन छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना होगा, वह बीएड, एमएड, बीए एलएलबी ऑनर्स (पांच वर्षीय) और एलएलबी (तीन वर्षीय) में पढ़ रहे हैं। अब तीन साल की जगह चार साल में डिग्री मिलेगी।
दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परीक्षाएं नहीं कराई गई। इससे शैक्षिक सत्र के विलंबित होने के साथ ही डिग्री भी देरी से मिलेगी। इसके अलावा ये स्टूडेंट प्रतियोगी परीक्षाओंं का आवेदन फार्म भी नहीं भर सकेंगे। बीएड, एमएड, बीए एलएलबी ऑनर्स और एलएलबी 2015-16 के एग्जाम जुलाई 2016 में होने थे।
एलएलबी का एग्जाम शेड्यूल आया गया था। इसी बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एग्जाम फीस 215 से बढ़ाकर 685 रुपये कर दी। इस पर एक्जीक्यूटिव काउंसिल की मुहर लगवाई और शासन से फीस वृद्धि के अनुमोदन की मांग की। इस पर कोई फैसला नहीं हो सका। इसके चलते एलएलबी का एग्जाम भी स्थगित कर दिया गया।
इससे नाराज स्टूडेंटों का कहना है कि यूनिवर्सिटी अपने फायदे के लिए स्टूडेंटों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। एग्जाम अक्तूबर के पहले सप्ताह से कराया जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो स्टूडेंट आंदोलन के लिए विवश होंगे।