जिनके पास जमीन, अभी उनमें ही उत्पादन
हालत यह है कि अभी वही निवेश प्रस्ताव धरातल पर आए, जिनके पास जमीन थी। उपायुक्त उद्योग, अंजनीश प्रताप सिंह के अनुसार साढ़ में लगी इकाइयों में रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पाद बनने लगे हैं। इसके अलावा अन्य इकाइयों में सैडलरी, जूते, बैग, पर्स और घुड़सवारों के पहने जाने वाले कपड़े तैयार किए जाने लगे हैं। बकरी पालन, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज में किए गए निवेश प्रस्ताव भी शुरू हो गए हैं। ग्रुप हाउसिंग और मेडिकल उद्योग में कई हजार करोड़ के प्रस्तावों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो अगले कुछ महीनों में पूरा हो जाएगा। शेष के लिए अभी जमीन की व्यवस्था की जा रही है।
शहर में निवेश की स्थिति
2018 में लखनऊ में हुए निवेशक सम्मेलन में शहर के उद्यमियों ने 65 करार किए थे। यह निवेश प्रस्ताव धरातल पर आने शुरू हुए थे कि देश में कोरोना आ गया था। इसके बाद 2021 में प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसमें से 10 प्रस्ताव कोरोना के चलते आगे नहीं बढ़ पाए थे। 55 प्रस्ताव धरातल पर आए थे। 2022 में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3.0 में शहर के 100 उद्यमियों ने 400 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए थे। इसमें 30 फूड-फूड प्रोसेसिंग की इकाइयां शुरू हो चुकी हैं। प्लास्टिक, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, होजरी, डेयरी, रेडीमेड की 35 से ज्यादा इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है। नॉनलेदर सैडलरी की 10 इकाइयां भी उत्पादन में आ चुकी हैं।