कानपुर। नौकरी की उम्मीद लेकर दूर-दराज से कानपुर पहुंचे अभ्यर्थियों के लिए बुधवार का दिन निराशा में बदल गया। श्यामनगर के एमडी इन्फोटेक केंद्र में परीक्षा के दौरान अव्यवस्थाओं के बीच गर्मी और उमस से रामपुर की सुरभि और मुंबई की शालिनी बागुन बेहोश हो गईं। साथी अभ्यर्थियों ने उनके चेहरे पर पानी डाला, तब जाकर उन्हें होश आया। शालिनी ने कहा कि परीक्षा केंद्र बदलकर किसी दूसरे स्थान पर परीक्षा कराई जानी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि दोनों हॉल में पर्याप्त पंखे नहीं थे। एसी लगे होने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। प्रवेश के दौरान भी समुचित चेकिंग नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा देने के लिए वे कई घंटे का सफर तय कर पहुंचे थे, लेकिन केंद्र की अव्यवस्था ने उनका हौसला तोड़ दिया। अभ्यर्थियों ने बताया कि उनका फिजिकल वर्ष 2025 में ही हो चुका था। करीब एक साल बाद 2026 में लिखित परीक्षा का मौका आया था। परीक्षा रद्द होने से चिंता बढ़ गई है। वहीं एसीएम-2 कैंट शिखा शुक्ला ने केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले परीक्षा केंद्रों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। वह इस संबंध में जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगी।
पेपर लीक की अफवाह ने बढ़ाई बेचैनी
परीक्षा बाधित होने के बाद केंद्र पर पेपर लीक होने की अफवाह फैल गई। कुछ छात्र-छात्राओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। अभ्यर्थियों के मुताबिक प्रश्नपत्र 100 अंकों का था। इसमें रीजनिंग, हिंदी, क्लेरिकल एप्टीट्यूड, गणित और कंप्यूटर से 20-20 अंकों के प्रश्न आने थे।
अभ्यर्थियों का दर्द
पिता के साथ परीक्षा देने आई थी। पहले सर्वर खराब होने की जानकारी दी गई, लेकिन बाद में परीक्षा ही रद्द कर दी गई। - रश्मी, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद
पेपर शुरू होने के कुछ देर बाद ही सभी के सिस्टम बंद होने लगे। केंद्र व्यवस्थापकों ने लाइट की समस्या होने की बात कही। - सूर्य प्रकाश तिवारी, गोंडा
पूरा साल जमकर पढ़ाई की थी। ट्रेन में भीड़ के बीच सफर कर दूर से परीक्षा देने आए थे। परीक्षा रद्द होने से अब मन उदास है। — शिवम शर्मा, गोंडा
पहले प्रवेश के दौरान कोई भी चेकिंग प्रक्रिया नहीं हुई थी। बाद में परीक्षा रद्द हो गई। कहीं ना कहीं कुछ गड़बड़ी लगती है। - धीरज सिंह, गोरखपुर