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अपने कामों से चर्चा में आईं ये हस्तियां आज मंच पर होंगी राष्ट्रपति के संग

Fri, 15 Sep 2017 01:50 PM IST
ऐश्वर्या द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आगमन की हो रहीं तैयारियां
स्वच्छ भारत के सपने को सच करने के लिए अपने कामों से चर्चा में आईं कुछ हस्तियां भी शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ कानपुर के ईश्वरीगंज गांव में मंच पर उपस्थिति दर्ज कराएंगी। इसमें प्रमुख रूप से सुलभ इंटरनेशनल संस्था के संस्थापक बिंदेश्वरी लाल पाठक,  इंदौर के कोदरिया गांव की सरपंच अनुराधा जोशी, एचएसबीसी बैंक की भारत में पूर्व प्रमुख पद्मश्री नैनालाल किदवई हैं।
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शौचालय बनवाए, जागरूकता भी फैलाई

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डॉ. बिंदेश्वर पाठक
सुलभ इंटरनेशनल संस्था के संस्थापक व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. बिंदेश्वरी पाठक ने स्वच्छता मुहिम में काफी अहम भूमिका निभाई है। सुलभ इंटरनेशनल एक सामाजिक सेवा संस्था है। यह संस्था शौचालयों का निर्माण कराने के साथ-साथ खुले में शौच न करने के लिए लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाते हैं। पद्मविभूषण और पद्मभूषण से नवाजे गए बिंदेश्वरी पाठक के कार्यों को देश में ही नहीं विदेशों में भी सराहा गया है। 2014 में अमेरिका के न्यूयॉर्क के मेयर बिल डे ब्लासियो ने 14 अप्रैल को डॉ. बिंदेश्वर पाठक डे घोषित किया है। बिंदेश्वर पाठक ने बताया की महाराष्ट्र में वह दुनिया का सबसे बड़ा शौचालय बनवा रहे हैं। इस शौचालय में 2858 सीटें होंगी।
 
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शौचालय की जिद के आगे झुके परिजन

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लावण्या
13 साल की उम्र में घर में शौचालय बनवाने के लिए धरना-प्रदर्शन शुरू किया। खाना-पीना छोड़ने पर आखिरकार परिजनों को झुकना पड़ा और घर में शौचालय बन गया। यहां हम बात कर रहे हैं कर्नाटक प्रांत के तुमकुर जिले की रहने वाली लावण्या की। लावण्या ने ऐसी अलख जलाई की गांव के अन्य परिवारों ने भी अपने घर में शौचालय बनवाया और गांव खुले में शौच मुक्त हुआ। तीन साल पहले इस मुहिम को शुरू करने वाली लावण्या को 2015 में यूनीसेफ का ब्रांड एंबेस्डर बनाया गया। 11वीं कक्षा में पढ़ रही लावण्या ने कहा कि आगे चलकर वह स्वच्छ भारत मिशन में भी अहम भूमिका निभाएंगी। दूसरे गांवों में भी जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी।
 

यहां लोग जुड़ते गए और कारवां बढ़ता गया

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बैन्जोप खैरेम्बल
मेघालय प्रांत के मावल्यान्नांग गांव के सरपंच बैंजोप खैरमबल ने कहा कि उन्होंने सरपंच बनने के बाद ही निश्चय कर लिया था कि वह अपने गांव को साफ सुथरा बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए उन्होंने घर-घर जाना शुरू किया और लोगों को गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया। उनकी मुहिम से धीरे-धीरे लोग जुड़े और लोगों ने घरों में शौचालय का निर्माण करवाया।  
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हर घर में शौचालय, पीने का साफ पानी

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अनुराधा जोशी
इंदौर जिले के कोदरिया गांव की सरपंच अनुराधा जोशी ने अपने गांव की सूरत बदलने में दिन रात एक कर दी। गांव के हर घर में शौचालय का निर्माण कराया। हर किसी के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था कराई। गांव में स्वच्छता के साथ-साथ कच्ची शराब के खिलाफ भी अभियान चलाया। आज गांव में एक भी कच्ची शराब की दुकान नहीं है। ग्रामपंचायत का ज्यादातर काम ऑनलाइन ही होता है। अनुराधा ने बताया की गांव में डोर-टू-डोर घरों से कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी आती है। इस कूड़े से खाद्य बनाने पर काम चल रहा है। आठ दिनों में प्लांट लग जाएगा। अनुराधा का दावा है कि उनकी पंचायत अब पूरी तरह से स्वावलंबी बन चुकी है। अनुराधा बताती हैं कि जब वह सरपंच बनी थीं तक 448 रुपये के करीब विकास के लिए फंड था। अब बीस लाख रुपये हो गया है। अब यहां के लोग नियमित कर देने लगे हैं। इससे विकास की राह आसान हो रही है। 
 
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