मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सड़कें चौड़ी करने के निर्देश पर एनएच पीडब्ल्यूडी ने जीटी रोड चौड़ीकरण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय भेजा गया है। ले-आउट से लेकर सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण के चलते जमीनों से संबंधित दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं, जिनके आधार पर दो महीने में चौहद्दी तय कर बुलडोजर चलाने की योजना बनाई जा रही है।
रामादेवी से आईआईटी तक 18 किलोमीटर लंबी जीटी रोड चार लेन की है। 14 मीटर चौड़े इस व्यस्त मार्ग में टाटमिल चौराहे के आसपास, झकरकटी, अफीमकोठी, रावतपुर गुटैया क्रासिंग, कल्याणपुर क्रासिंग में दिनभर यातायात प्रभावित रहता है। घंटों जाम भी लगता है। अनवरगंज-कासगंज रेलवे लाइन की गुमटी नंबर-5, कोकाकोला, गीतानगर, शारदानगर, गुरुदेव, दलहन, बगिया, कल्याणपुर, गूबा गार्डन, आईआईटी क्रासिंग बंद होने से आसपास जाम लगता है।
प्रमुख सड़कें चौड़ी करने के दिए थे निर्देश
जीटी रोड पर भी संचालन बाधित होता है। इसके मद्देनजर एनएच पीडब्ल्यूडी ने जीटी रोड चौड़ीकरण की योजना बनाई है। 22 मार्च को यहां आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरसैया घाट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर सहित कानपुर मंडल की प्रमुख सड़कें चौड़ी करने के निर्देश दिए थे। इसके मद्देनजर एनएच पीडब्ल्यूडी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एनएच पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार रामादेवी से आईआईटी तक 14 मीटर चौड़ी सड़क पर ही यातायात संचालित हो रहा है, जबकि विभाग के रिकार्ड के अनुसार इस रूट में 20 मीटर से 45 मीटर चौड़ाई तक जमीन उनकी है।
जीटी रोड पर जाम में फंसे वाहन
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सड़कों को घेरा, अवैध कब्जों की भरमार
आईआईटी के पास से ही सड़क के दोनों तरफ एनएच पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध कब्जों की शुरुआत होती है। वहां से कल्याणपुर होते हुए गोल चौराहे तक दो हजार से ज्यादा अवैध कब्जे हैं। इनमें सिर्फ दुकानें ही नहीं खुलीं, बल्कि मिलीभगत के चलते तीन-तीन मंजिला भवन बन गए हैं। गोल चौराहे से अफीमकोठी होते हुए झकरकटी पुल तक तमाम भवन स्वामियों ने भी सड़क की जमीन घेर ली है। टाटमिल चौराहे से मीरपुर फायर स्टेशन के पास तक लोगों ने फुटपाथ, तो घेरा ही है।
राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से नहीं चल पाया था बुलडोजर
दिन में सड़क पर भी कब्जे देखे जा सकते हैं। पीएसी मोड़ के पास से रामादेवी तक भी अवैध कब्जों की भरमार है। एक साल पहले एनएच पीडब्ल्यूडी ने 250 से ज्यादा अवैध कब्जेदारों को जमीन खाली करने के लिए नोटिस दिए थे, पर लोगों के विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से बुलडोजर नहीं चल पाया था। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके मद्देनजर इस बार दस्तावेज खंगालने के साथ ही फुलप्रूफ तैयारी की जा रही है, ताकि यदि कोई अवैध कब्जेदार फर्जी दस्तावेजों का हवाला देकर अभियान न रुकवा सके।
सवारियों के इंतजार में जीटी रोड के समीप खड़े ई-रिक्शा
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मेट्रो के पिलर आ रहे आड़े
एनएच पीडब्ल्यूडी के अनुसार उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जीटी रोड पर रावतपुर स्टेशन, गीतानगर स्टेशन, गुरुदेव, विश्वविद्यालय, एसपीएम, कल्याणपुर और आईआईटी एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के लिए पिलर बनाते समय भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की संभावनाओं को नजरंदाज कर दिया। 14 मीटर चौड़ाई के हिसाब से ही पिलर बनाए। सड़क की तरफ ही रेस्टोरेंट खोल लिए, उनके आगे फुटपाथ बना लिया। रेस्टोरेंट में आने वाले वाहन भी जीटी रोड पर खड़े होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। ड्रेनेज सिस्टम को भी नजरंदाज करने से जीटी रोड पर जलभराव भी होने लगा है। पीडब्ल्यूडी इस समस्या का भी हल निकालते हुए चौड़ीकरण की योजना बना रहा है।
जीटी रोड से यूटिलिटी शिफ्ट होंगी
जीटी रोड पर पाइपलाइनें, विद्युत केबिल, विभिन्न कंपनियों की संचार केबल बिछे हैं। कंसलटेंट कंपनी नियुक्त कर इनकी सटीक जानकारी के लिए सर्वे कराने के बाद डीपीआर तैयार कराई जाएगी।
जीटी रोड में गड्ढे
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जीटी रोड चौड़ीकरण के लिए 200 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर भेजा है। चौड़ीकरण में कोई रुकावट न आए, इसके लिए सभी जरूरी फुलप्रूफ तैयारियां की जा रही हैं। -अरुण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता, एनएच पीडब्ल्यूडी