कानपुर देहात/झींझक। नगर की सहकारी क्रय-विक्रय संघ में मंगलवार को पहले यूरिया पाने को लेकर किसानों में धक्का मुक्की हो गई। इसपर हो हल्ला शुरू कर दिया। सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने महिला व पुरुष किसानों की अलग-अलग कतार लगवाई। इसके बाद खाद का वितरण शुरू हो सका।
यूरिया पाने को लेकर किसानों की जद्दोजहद कम होने का नाम नहीं ले रही है। यह तब है जब जिम्मेदार जिले में अभी 7646 मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक उपलब्ध होने की बात कह रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जिले में यूरिया का वितरण 78 सहकारी समितियों के जरिये कराया जा रहा है। इन समितियों का प्रभार 43 सचिवों पर है। सचिवों की कमी से हर दिन 35 समितियों में तालाबंदी रहती है। रसूलाबाद में साधन सहकारी समिति में सुबह से किसान जुट गए। टोकन दिए गए। इसके बाद लाइन लगाकर किसानों को खाद दी गई। सचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 7 टन यूरिया बांटी गई। अभी 25 टन यूरिया स्टॉक है।
झींझक के सहकारी क्रय-विक्रय संघ में मंगलवार सुबह से ही महिला व पुरुष किसान जुट गए। यूरिया वितरण शुरू कराया गया तो पहले खाद पाने को लेकर धक्का मुक्की होने लगी। इस पर सचिव ने वितरण बंद कर दिया तो किसान हो हल्ला करने लगे। सचिव ने पुलिस बुलाई। कुछ देर में पहुंची पुलिस ने महिला व पुरुष किसानों की अलग-अलग लाइन लगवाकर खाद वितरण कराया। मुंडेरा के संदीप, साधू यादव, राजपुर के भूरा, गौरी के श्याम गुप्ता ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद खाद मिल सकी है।
सचिव मुकेश गुप्ता ने बताया कि यूरिया वितरण के दौरान अधिक भीड़ रही। कुछ किसान पहले यूरिया लेना चाहते थे इसको लेकर हो हल्ला हुआ। पुलिस आने पर लाइन लगवाकर खाद दी गई। 170 किसानों को 340 बोरी यूरिया वितरित की गई है। इधर उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव ने उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया। अकबरपुर में दो दुकानों के निरीक्षण में यूरिया स्टाक नहीं मिला।