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- वर्तमान समय में ब्लड बैंक में 34 यूनिट बचा है खून
- बी पॉजिटिव व ओ निगेटिव ग्रुप का मात्र दो यूनिट खून
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। 300 क्षमता वाले ब्लड बैंक में ए निगेटिव ग्रुप का खून करीब एक माह से नहीं हैं। वहीं, ब्लड बैंक में 34 यूनिट की खून बचा है। ए निगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पर खून नहीं है। वहीं, बी पॉजिटिव व ओ निगेटिव ब्लड ग्रुप का दो यूनिट ही खून बचा है। इस ग्रुप के कई मरीज खून के लिए परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का कहना है कि बार-बार प्रेरित करने के बाद भी लोग रक्तदान के लिए आगे नहीं रहे हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य जनपदों से रक्त मंगाना पड़ेगा।
मरीजों को रक्त के लिए परेशानी न हो, उसके लिए जिला अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक संचालित होता है। इस बैंक में 300 यूनिट तक रक्त रखने की क्षमता है। मगर जब से ब्लड बैंक स्थापित हुआ है, यहां पर 100 यूनिट से अधिक रक्त नहीं जमा हुआ। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक, रक्तदान के प्रति लोगों में भ्रम के कारण यह स्थिति है।
मगर मौजूदा समय में रक्तकोष में खून बड़ी कमी हो गई है। स्वास्थ्य कर्मियों को चिंता सता रही है कि अगर बहुत जरूरत पड़ी तो रक्त बाहर से लाना पड़ेगा। ब्लड बैंक के आंकड़ों को मुताबिक, बुधवार तक सिर्फ 21 यूनिट रक्त कोष में था।
नियमित रक्तदान से नहीं आती हैं दिक्कतें
ए निगेटिव ग्रुप का एक यूनिट भी रक्त, कोष में नहीं है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीता द्विवेदी ने बताया कि यहां पर रक्तदान करने से लोग परहेज करते हैं। जागरूकता के अभाव के कारण यह दिक्कत है। जबकि रक्तदान करने से शरीर पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। रक्तदान करने के बाद शरीर में फुर्ती आती है। साथ ही कई प्रकार के बीमारियां से रक्तदान बचाता भी है।
ब्लड बैंक में इतने यूनिट बचा खून
ब्लडबैंक के आकड़ों के मुताबिक, ए-पॉजिटिव चार यूनिट, बी-पॉजिटिव 2, , एबी-पॉजिटिव 12 यूनिट, ओ-पॉजिटिव 14 और ओ-निगेटिव दो यूनिट ब्लड है।
मरीज बोले-खून के इंतजाम में हो रही परेशानी
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फिरोजाबाद के कोकला निवासी सत्यप्रकाश (75) ने बताया कि चार यूनिट खून ही बचा है। उनका बी पॉजिटिव क ब्लड ग्रुप है। उन्होंने ब्लड बैंक में एक भी यूनिट खून नहीं है। एक यूनिट खून परिजनों से लिया है, लेकिन अभी तक और ब्लड की जरूरत है। अभी तक खून का इंतजाम नहीं हो पाया है।
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जिला अस्पताल में भर्ती भरथना निवासी रूपरानी (65) पत्नी श्रीकृष्ण ने बताया कि बताया कि एक यूनिट बेटे का खून चढ़ा दिया गया है, लेकिन और ब्लड की जरूरत थी। ब्लड बैंक में बी पॉजिटिव खून की कमी बता दी। उनका कहना था कि किसी अन्य ब्लड ग्रुप का खून निकलवा दो तो इस ग्रुप का खून मिल जाएगा। इसके बाद उन्होंने रिश्तेदार को बुलवाकर रक्तदान करवाया। इसके बाद खून मिल सका।