इटावा। बिजली विभाग में जिस हिसाब से उपभोक्ता हैं। उस हिसाब से विभाग में कर्मचारियों की कमी है। विभाग में लाइनमैन तो न के बराबर है। सभी सबस्टेशनों पर चार-चार कर्मियों की दो शिफ्ट चलनी चाहिए है लेकिन इनपर कुल चार से छह कर्मचारी ही तैनात है। उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से मरम्मत करने वाले कर्मियों की कमी है। इससे हर दिन फाल्ट सहित अन्य कामों को लेकर आधा घंटे का काम दो से तीन घंटे में हो पाता है। इसके चलते बढ़ी संख्या में उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है।
तीनों खंडों में 2.30 लाख बिजली उपभोक्ता है। बिजलीघरों व विभागीय कार्यालयों में कुल 844 अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती है। इनमें 26 टीजीटू, 30 जेई, 13 एसडीओ, चार एक्सईएन व एक एसई भी शामिल हैं। एक बिजली घर पर आमतौर पर चार-चार कर्मियों की दो शिफ्टों में लगाई जाती है, इस हिसाब से प्रत्येक बिजली घर पर जेई के अतिरिक्त आठ से 12 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है लेकिन जिले के कई बिजलीघरों चार से छह कर्मचारी ही तैनात है। ऐसे में फाल्ट आदि होने पर एक ओर जहां कम संख्या होने से कर्मचारियों को परेशानी होती है वहीं दूसरी ओर इससे उपभोक्ताओं को समय पर बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाती है।