फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: कर्नल सोफिया के ननिहाल में खुशी का माहौल, मामी बोली- बेटी बार्डर संभाल रही है, बचपन से था बंदूक का शौक

Sun, 11 May 2025 01:47 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: ममेरे भाई एजाज और शहजाद ने बताया कि टीवी पर सोफिया को ऑपरेशन सिंदूर की कमान संभालते देखा तो बहुत खुशी हुई। बहन की बहादुरी देखकर गर्व महसूस हो रहा है।
विज्ञापन
अपनी मां और पिता के साथ कर्नल सोफिया - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में घाटमपुर क्षेत्र के यमुना से सटे लहुरीमऊ गांव में कर्नल सोफिया का ननिहाल है। ऑपरेशन सिंदूर की कमान संभालने को लेकर गांव में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि कर्नल सोफिया ने न सिर्फ देश का नाम रोशन किया है, बल्कि लोगों को संदेश दिया है कि बेटियां भी बेटों से कम नहीं है।

विज्ञापन

उन्होंने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही। बता दें कि घाटमपुर तहसील के लहुरीमऊ गांव में कर्नल सोफिया का ननिहाल है। उनकी मामी आयशा बेगम ने बताया कि कर्नल सोफिया बचपन से फौज में भर्ती होना चाहती थी। उनका शौक था, कि वह सीमा पर जाकर देश की रक्षा करें।

सोफिया की मामी आयशा बेगम - फोटो : amar ujala
बचपन में ही सेना में जाने का देखा था सपना
मामी आयशा बेगम ने बताया कि उनकी ननद हलीमा की जुड़वां बेटियां सोफिया और सायना हैं। सोफिया बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल और आत्मविश्वासी सोफिया ने बचपन में ही सेना में जाने का सपना देखा था। सोफिया की मां हलीमा की शादी मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगवां में हुई थी। पिता ताज मोहम्मद भी सेना में कार्यरत थे।
विज्ञापन

सोफिया कुरैशी - फोटो : PTI
मुस्लिम समाज का सिर ऊंचा कर दिया
ममेरे भाई एजाज और शहजाद ने बताया कि टीवी पर सोफिया को ऑपरेशन सिंदूर की कमान संभालते देखा तो बहुत खुशी हुई। बहन की बहादुरी देखकर गर्व महसूस हो रहा है। हमें उस पर फख्र है। सोफिया ने न सिर्फ देश, बल्कि पूरे महिला समाज और मुस्लिम समाज का सिर ऊंचा कर दिया है। उन्होंने कहा- बार बार एयर स्ट्राइक करने की बजाय एक बार में ही पूरे पाकिस्तान का सफाया कर देना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें