पहला रोगी वर्ष 1955 में मिला था
डॉ. विशाल कुमार गुप्ता ने बताया कि टाइप-5 डायबिटीज का पहला रोगी वर्ष 1955 में अफ्रीकी देश जमैका में मिला था। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1985 में इस संबंध में रिपोर्ट दी कि पैदाइशी कुपोषण से नई तरह की डायबिटीज हो रही है लेकिन तब यह डायबिटीज वर्गीकृत नहीं हुई थी। इसकी टाइप तय नहीं थी। इसी माह अप्रैल में बैंकाॅक में आईडीएफ के अध्यक्ष पीटर स्वार्ट्स ने इसे मान्यता दे दी। अब यह मामला जून में शिकागो में होने वाली अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की कॉन्फ्रेंस में रखा जाएगा। डायबिटीज टाइप-5 के रोगियों की संख्या भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, युगांडा, इथोपिया आदि देशों में अधिक है।