सफाई नायक को भी गंदे पानी में जाने को मजबूर किया।
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कानपुर साउथ। हंसपुरम आवास विकास में तीन दिन पहले चोक सीवर लाइन से नाराज लोगों के पंप आॅपरेटर से मारपीट और दूसरे दिन उनसे क्षमा-याचना की घटना को अभी लोग भूले भी नहीं हैं कि रविवार को केशव नगर डब्ल्यू ब्लाक के लोगों ने भी वही गलती कर दी। सड़क पर सीवर के गंदे पानी के भराव से नाराज लोगों ने पार्षद और सफाई नायक से अभद्रता की और उन्हें गंदे पानी में खड़ा कर दिया। उनके खिलाफ नारेबाजी की। बाद में दोनों 24 घंटे की मोहलत लेकर जैसे-तैसे वहां से निकले।
केशव नगर डब्ल्यू ब्लाक गुलमोहर स्कूल से नीलम कांप्लेक्स तक 200 मीटर सड़क पर तीन महीने से सीवर का गंदा पानी भरा है। बारिश के बाद स्थिति और विकराल हो गई है। रविवार को आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आए। किसी ने पार्षद को इसकी सूचना दे दी। सड़क पर हंगामे की सूचना के बाद पार्षद गिरीश चंद्रा मौके पर पहुंच गए। उन्हें देखते ही पब्लिक और भड़क उठी। लोगों ने पार्षद को सड़क पर घुटनों तक भरे गंदे पानी में खींच लिया। इस दौरान पार्षद अनुनय-विनय करते रहे, लेकिन पब्लिक नहीं मानी। पब्लिक ने पार्षद के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अपने को घिरा देख पार्षद ने सफाई नायक रमेश को बुला लिया। पब्लिक ने सफाई नायक को धमकी दी कि गंदे पानी से पार आकर दिखाओ नहीं तो खींचकर गंदे पानी पर खड़ा कर देंगे। बेबस सफाई नायक ने गंदे पानी से गुजरने में ही भलाई समझी। काफी हंगामे के बाद पार्षद ने सफाई के लिए 24 घंटे का वक्त मांगा, तब लोग शांत हुए। क्षेत्र के आशीष गुप्ता, प्रदीप मिश्रा, टीपी शर्मा, सरताज अहमद, दयाशंकर, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, सुधांशु, अरविंद शुक्ला ने बताया कि घरों से निकलने के लिए गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
हो सकती है जेल
कानपुर (ब्यूरो)। समस्याओं का समाधान कराने के लिए आप के पास कई विकल्प और अधिकार हैं। गुस्से में आपा खोकर किसी कर्मचारी, अफसर से अभद्रता पर आपको जेल हो सकती है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के मुताबिक सफाई नायक सरकारी कर्मचारी होता है। पार्षद जन प्रतिनिधि है। न्यूसेंस, सरकारी काम में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला करने में सजा हो सकती है।