कानपुर। कानपुर यूनिवर्सिटी की संस्थागत परीक्षा छोड़ने वाले बीए, बीएससी, बीकॉम के करीब 65 हजार स्टूडेंटों से सरकारी फीस (शुल्क प्रतिपूर्ति) और छात्रवृत्ति की रिकवरी की जाएगी। इसका सर्कुलर 26 अप्रैल को प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने जारी कर दिया है। इसे आधार बनाकर ही जिला समाज कल्याण अधिकारी ने लीड बैंक (बैंक ऑफ बड़ौदा) मैनेजर को पत्र लिखा है। साफ कहा है कि पेपर न देने वालों से पैसा वसूला जाए। रिकवरी न होने पर स्टूडेंटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यूनिवर्सिटी की संस्थागत परीक्षाएं तीन मई को समाप्त हुई हैं। इन परीक्षाओं में करीब 12 लाख 60 हजार स्टूडेंटों को पेपर देना था लेकिन 65 हजार ने परीक्षा छोड़ दी। इसकी सूचना श्री शक्ति डिग्री कॉलेज घाटमपुर के प्रबंधक विनय त्रिवेदी ने 7 अप्रैल को प्रमुख सचिव समाज कल्याण को दी। प्रबंधक ने कहा कि कॉलेज के 30 स्टूडेंटोें ने सरकारी फीस, छात्रवृत्ति का आवेदन फार्म भरा था लेकिन परीक्षा देने नहीं पहुंचे हैं। ऐसा लगता है कि सरकारी फीस और छात्रवृत्ति हड़पने के लिए ही एडमिशन लिया गया। इसकी जांच कराके कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसी आधार पर प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा। साथ आदेश दिया कि जिन स्टूडेंटों ने परीक्षा नहीं दी है, उन सबसे धनराशि वसूलकर सरकारी बैंक अकाउंट में जमा कराई जाए। इसी का नतीजा है कि कानपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 1200 कॉलेजोें को कार्रवाई की जद में लिया गया। इन कॉलेजों के करीब 65 हजार स्टूडेंटों ने परीक्षा छोड़ी है। इनका दायरा कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, फतेहपुर, कौशांबी, इलाहाबाद, सीतापुर और लखीमपुर खीरी तक फैला है। अब सबसे सरकारी फीस और छात्रवृत्ति की धनराशि वसूली जाएगी।
d बीए में एससी, एसटी और अन्य तबके के कमजोर छात्र (सामान्य, ओबीसी) के स्टूडेेंट को 3500 रुपये छात्रवृत्ति मिलती है। इतनी ही धनराशि क्री शुल्क प्रतिपूर्ति की जाती है। कुल सात हजार रुपये मिलते हैं।
d बीएससी में एससी, एसटी और अन्य तबके के कमजोर छात्र (सामान्य, ओबीसी) को 3500 रुपये छात्रवृत्ति और 5500 रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है। नौ हजार रुपये दिए जाते हैं।
d बीकॉम में 3500 रुपये छात्रवृत्ति और 4500 रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति की जाती है। कुल 8000 रुपये दिए जाते हैं।