कानपुर। महिलाओं को अपराधों और खासकर साइबर अपराध के अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए गुरुवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शक्ति संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 200 से अधिक नौकरीपेशा, अधिवक्ता व गृहणियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाओं ने अपनी समस्याएं भी पुलिस अधिकारियों के सामने रखीं। एक महिला ने सवाल किया कि कोई उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है लेकिन उन्होंने उसके खिलाफ मोबाइल पर मौजूद सभी साक्ष्य डिलीट कर दिए हैं। ऐसे में क्या किया जा सकता है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कोई बात नहीं वह साइबर पुलिस की मदद लें। सभी साक्ष्य उनके फोन पर वापस आ जाएंगे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीपी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य ही यही है कि महिलाएं चुप्पी तोड़ें और खुलकर बोलें। इसी कड़ी में कुछ महिलाओं ने अपने बच्चों की मोबाइल देखने की गलत आदत को छुड़ाने पर राय मांगी। इस पर अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) स्नेहा तिवारी ने कहा कि अभिभावक जेन-जी को अपना दोस्त बनाएं। नई और पुरानी पीढ़ी के बीच के अंतर को कम करें। बच्चों को मोबाइल की उपयोगिता भी बताएं। इससे पहले महिलाओं को साइबर ठगी पर आधारित साइलेंट किलर फिल्म भी दिखाई गई। महिलाओं को महिला हेल्प लाइन नंबरों के अलावा मेंटल हेल्थ के लिए टोल फ्री नंबर 14416 के प्रति भी जागरूक किया।