कानपुर। आपात स्थिति में ब्लैक आउट का सायरन बजते ही ट्रेनों के पहिये भी थम जाएंगे। उसे कहीं भी खड़ा किया जा सकेगा। इंजन से लेकर अंदर तक की लाइटें बंद कर दी जाएंगी। यह सब होने से पहले आरपीएफ और जीआरपी को बताया जाएगी, जिससे यात्रियों को पूर्व में सूचना मिल सकेगी।
यह फैसला रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर लिया है। इसके निर्देश भी जारी हो गए हैं। पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुस कर आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए थे। इसी के दूसरे दिन केंद्र सरकार की ओर से मॉक डि्रल और आधे घंटे का ब्लैक आउट घोषित किया गया था। हालांकि ट्रेनों को इसमें छूट दी गई थी, लेकिन भविष्य में अगर ऐसी स्थिति दोबारा बनती है तो अब ऐसा नहीं होगा। सेंट्रल स्टेशन के रास्ते गुजरने वाली ट्रेनों के चालकों को चौकन्ना किया गया है जो जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान या पाकिस्तान से जुड़ी सीमाओं वाले राज्यों की ओर आती-जाती हैं। चालकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ब्लैक आउट खत्म होते ही ट्रेन परिचालन फिर से चालू हो जाएगा। सेंट्रल स्टेशन के वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक अवधेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि आपात स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।