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UP: टैरिफ से अटके 50 करोड़ के ऑर्डरों की खेप के निर्यात का रास्ता साफ, ट्रंप की राहत से निर्यातकों में आई खुशी

Fri, 11 Apr 2025 06:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अमेरिका की ओर से टैरिफ में अस्थायी तौर पर राहत मिलने से निर्यातकों के होल्ड आर्डरों को रवाना करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। करीब 500 करोड़ के आर्डर होल्ड हो गए थे। 90 दिन का समय निर्यातकों के लिए राहत वाला है।
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आलोक श्रीवास्तव और असद इराकी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया था। नौ अप्रैल से प्रभावी होने वाली टैरिफ को अब ट्रंप ने भारत पर 90 दिन बाद लागू करने की घोषणा की है। इससे शहर के निर्यातकों में खुशी है। टैरिफ के चलते होल्ड हुए 500 करोड़ के निर्यात आर्डरों की खेप रवाना होनी शुरू हो गई है। हालांकि शहर के निर्यातकों ने यूरोपीय यूनियन में और पैठ बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। पश्चिम एशिया-उत्तरी अफ्रीका यानी वाना रीजन को नए बाजार के रूप में देखा जा रहा है।

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कानपुर के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। कानपुर से चमड़ा और चमड़ा के उत्पादों का सबसे ज्यादा सालाना करीब 1800-2000 करोड़ का निर्यात किया जाता है। तीन अप्रैल को ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाने का एलान किया था। टैरिफ की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी खरीदारों ने शहर के निर्यातकों के साथ मोल-भाव शुरू कर दिया था। दाम घटाने या टैरिफ का 13-13 प्रतिशत भुगतान करने की बात कहने लगे थे। कई अमेरिकी खरीदारों ने करीब 500 करोड़ के कंसाइनमेंट होल्ड कर दिए थे।

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यूरोपीय यूनियन में कानपुर के उत्पादों का दखल और बढ़ाने की तैयारी
यूरोपीय यूनियन (ईयू) में ऑस्ट्रिया, अज़रबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, डेनमार्क, फ़िनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्पेन, स्वीडन, स्विटज़रलैंड, तुर्किए, यूनाइटेड किंगडम (यूके) आदि देश शामिल हैं। यहां चमड़ा, चमड़ा उत्पाद और फुटवियर, बेल्ट, पर्स, काठी, चप्पल, प्लास्टिक, परिधान, इंजीनियरिंग के सामान, मसालों आदि का निर्यात होता है। कानपुर से सालाना 3000 हजार करोड़ का निर्यात होता है। अमेरिका के बाद इन देशों के नागरिकों की क्रय क्षमता बेहतर है। शहर के निर्यातक अब ईयू देशों में निर्यात बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

वाना रीजन होगा नया बाजार
टैरिफ चुनौतियों से निपटने के लिए नए बाजार तलाश पर जोर दिया जा रहा है। इसमें वेस्ट एशिया-नार्थ अफ्रीका (वाना) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पश्चिम एशिया में सऊदी अरब, ईरान, इराक, इस्राइल, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, यमन, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश शामिल हैं। उत्तरी अफ्रीका में मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, मोरक्को और सूडान जैसे देश शामिल हैं।

अमेरिका की ओर से टैरिफ में अस्थायी तौर पर राहत मिलने से निर्यातकों के होल्ड आर्डरों को रवाना करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। करीब 500 करोड़ के आर्डर होल्ड हो गए थे। 90 दिन का समय निर्यातकों के लिए राहत वाला है। समय मिलने से आगे की चुनौतियों के लिए योजनाओं पर काम किया जाएगा।  -आलोक श्रीवास्तव, संयोजक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन
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टैरिफ के प्रभाव को कम से कम रखने पर सरकार काम कर रही है। इसका असर भी दिख रहा है। यूरोपीय यूनियन और वाना रीजन में दखल बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। चीन, वियतनाम, ताइवान पर अमेरिका ने ज्यादा टैरिफ लगाया है, जो कानपुर के निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर हो सकता है।  -असद इराकी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
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