कानपुर। हरिद्वार से 22010 क्यूसेक और नराैरा से 12860 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से महानगर में रविवार को गंगा का जलस्तर 87 सेंटीमीटर बढ़ गया। इसकी वजह से गंगा के खाली पड़े मैदानी क्षेत्रों और आसपास के करीब 100 बीघे में लगाई गई खीरा, ककड़ी और तरबूज की फसल जलमग्न हो गई।
सिंचाई विभाग के अनुसार, जलस्तर बढ़ने की वजह से बैराज पर खोले गए आठ गेटों को 30 मीटर तक ऊपर कर दिया गया। आम ताैर पर यह गेट 20 मीटर तक रहते हैं लेकिन जल स्तर बढ़ने से इनको 50 मीटर तक ऊपर उठा दिया गया। किसानों ने बताया कि रातोंरात पानी इतनी तेज से बढ़ा कि गांव के किनारे तक पहुंच गया है। किसानों ने इस संकट को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि उनकी नुकसान हुई फसल का मुआवजा दिया जाए।
इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक अभिजीत सिंह सांगा का कहना है कि नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। किसानों से मिलकर उनकी समस्या का समाधान कराएंगे।