कन्नौज। बच्चों के मानसिक व बौद्धिक विकास के उद्देश्य से वर्ष 2016 में बाल संग्रहालय बनाए जाने की योजना लागू की गई। योजना की लागत 8.03 करोड़ के सापेक्ष महज 3.40 करोड़ की धनराशि ही मिल सकी है। धनराशि के अभाव में वर्ष 2017 में काम बंद हो गया। तब से भवन अनदेखी का शिकार हो गया और दीवारें दरकने लगी हैं।
गैस एजेंसी रोड पर निर्माणाधीन बाल संग्रहालय का निर्माण कार्य नौ साल से अधर में लटका है। निर्माण कार्य बंद होने से भवन बनने से पहले ही जर्जर होने लगा है। भवन की दीवारें दरक कर खराब होती जा रही हैं। वहीं परिसर में भारी गंदगी व झाड़ियां उग आई हैं। इससे भवन कमजोर हो रहा है। वर्ष 2017 से निर्माण के लिए धनराशि नहीं मिली, इस कारण निर्माण कार्य बंद हो गया।
निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कार्पोंरेशन लिमिटेड को सौंपी गई थी। धनराशि के अभाव में काम बंद हो जाने के बाद संस्था द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। 13 सितंबर 25 को प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग मुकेश मेश्राम ने भवन का निरीक्षण किया था। उन्होंने शीघ्र धनराशि मंगवाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके आदेशों का भी अभी तक पालन नहीं किया जा सका। अनदेखी के कारण भवन धीरे-धीरे जर्जर अवस्था में पहुंच रहा है। बाल संग्रहालय के अधूरे निर्माण के कारण यह भवन अनुपयोगी साबित होता जा रहा है। इसमें सरकार का करीब 3.40 करोड़ रुपया लग चुका है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा लगाया गया जनता की गाढ़ी कमाई का रुपया बर्बाद हो सकता है।
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बच्चों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी
इत्रनगरी में निर्मित बाल संग्रहालय का निर्माण शुरू होने से बच्चों में खासा उत्साह था। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही इस संग्रहालय के माध्यम से उन्हें मानसिक व बौद्धिक विकास में सहयोग मिलेगा। अनदेखी के कारण कई वर्ष से इसका निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है, इससे बच्चों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।
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वर्जन
वर्ष 2017 तक काम चला। इसके बाद धनराशि आवंटित न हो पाने के कारण काम बंद हो गया। धनराशि मिलने पर भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएगा। - अखिलेश कुमार, अवर अभियंता, प्रोजेक्ट कार्पोंरेशन