रनियां (कानपुर देहात)। कानपुर के महराजपुर क्षेत्र में हरा केमिकल कचरा मिलने के बाद यूपीपीसीबी की छह सदस्यीय स्टेट टीम मंगलवार को कानपुर देहात पहुंचीं। रनियां व जैनपुर में कुल चार फैक्टरियों से केमिकल कचरा के तीन व पानी के चार नमूने लिए। लखनऊ की प्रयोगशाला में नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
कानपुर महराजपुर क्षेत्र में हरा कचरा फेंकने के मामले का शासन ने संज्ञान लिया है। इसी क्रम में कानपुर देहात में क्रोमियम की फैक्टिरियो का जायजा लेने के निर्देश दिए। जांच के लिए यूपीपीसीबी की छह सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम में मुख्य पर्यावरण अधिकारी विमल कुमार अन्य सदस्यों के साथ मंगलवार दोपहर में रनियां स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय पहुंचे। इसके बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी मनोज कुमार चौरसिया के साथ टीम ने सबसे पहले चिराना रोड स्थित स्पेक्ट्रो पोस्केम प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी का निरीक्षण किया। यहां से पानी और केमिकल कचरा का एक-एक सैंपल लिया। इसके बाद खानचंद्रपुर में वारिश केमिकल फैक्टरी से डंप केमिकल कचरा व पानी का एक-एक नमूना लिया। इसी के करीब बीड़ी बेवरेज फैक्टरी से पानी व केमिकल कचरा का एक-एक नमूना लिय।
इसके बाद टीम ने जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में क्रोम केमिकल फैक्टरी में पानी का एक नमूना लिया। बता दें कि काफी अर्से से कुछ केमिकल फैक्टरी संचालक गुपचुप तरीके से केमिकल कचरा फेंक रहे है। यह हानिकारक कचरा पानी में घुलनशील है। खानचंद्रपुर में करीब 95 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा दशकों तक डंप रहा। बीते दो साल पहले ही यह कचरा उठाया गया है। इसके बाद अब आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञ टीम सर्वे कर रही है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने बताया कि कानपुर के महाराजपुर में हरा कचरा मिलने की मामले को लेकर यूपीपीसीबी की स्टेट टीम ने रनियां व जैनपुर क्षेत्र में केमिकल फैक्टरियों में जांच की। केमिकल कचरा के तीन व पानी के चार नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ होगी।