डेरापुर (कानपुर देहात)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डेरापुर में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को अब तक सुविधा नहीं मिल पा रही है। अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त डॉ. प्रीती सिंह की संबद्धता जिला महिला अस्पताल कर दिए जाने से मशीन धूल फांक रही हैं। अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला महिला अस्पताल की सीएमएस को पत्र लिखकर सप्ताह में एक दिन के लिए रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
सीएमओ डॉ. जय गोविंद के इस पत्र के बाद स्थानीय लोगों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब डेरापुर सीएचसी में तैनात डॉ. प्रीती सिंह को अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए प्रशिक्षण दिलाया गया था तो उन्हें मूल तैनाती स्थल से संबद्ध क्यों किया गया।
यदि अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू करनी है तो उन्हें वापस डेरापुर भेजा जाए क्योंकि उनका वेतन भी डेरापुर सीएचसी से ही आहरित हो रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग के पास मशीन भी है और प्रशिक्षित चिकित्सक भी इसके बावजूद मरीजों को सुविधा से वंचित रखा जा रहा है। ऐसे में सप्ताह में केवल एक दिन दूसरे चिकित्सक की व्यवस्था करने के बजाय मूल तैनाती वाले डॉक्टर को वापस भेजकर नियमित अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू की जानी चाहिए।
बता दें कि डेरापुर सीएचसी में प्रतिदिन 250 से 300 के बीच मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। करीब 20 से 25 मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती है।
इनमें गर्भवती अधिक रहती हैं। सीएचसी में यह सुविधा न होने पर या तो लोग मेडिकल जाते या फिर निजी सेंटर में 500 से 600 रुपये खर्च कर जांच कराते हैं। वहीं, जनवरी 2025 से मशीन रखी है और आठ माह के करीब डॉक्टर को प्रशिक्षण प्राप्त किए हो गए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सीएचसी में अल्ट्रासाउंड सुविधा चालू नहीं कर सका। इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है।